सोलन अग्निकांड: काजा में मजदूरी कर लौटे थे काशीराम, मेहनत से चलता था पूरे परिवार का जीवन

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भीषण अग्निकांड में लापता काशीराम व उसका परिवार दो माह पहले ही काजा से मजदूरी करके लौटा था। छह माह तक काजा में उसने मजदूरी की। नेपाल से भी वह दो साल पहले ही अर्की आया था और यहां पर भी दिहाड़ी लगाकर अपना परिवार पाल रहा था।

काशीराम के परिवार में उसके दो बेटे बचे हैं। इसमें से एक अर्की में रहता है और चाचा के घर जाने की वजह से उसकी जान बच गई, जबकि दूसरा नेपाल में रहता है। दिनभर काशीराम का बेटा सुशील अपनों के मिलने की उम्मीद में बचाव दल के पास खड़ा रहा और बार-बार नम आंखों से सर्च टीम को देखता रहा।

लापता काशीराम के भाई मोहन बहादुर ने बताया कि हादसे ने उसका सबकुछ छीन लिया है। जहां उसके बड़े भाई काशीराम व भाभी व उनके दो बच्चे लापता है। वहीं उनका भांजा धनबहादुर, उसकी पत्नी व तीन बच्चे भी नहीं मिल पाए हैं। मोहन बहादुर ने बताया के भाई के परिवार के साथ ही अन्य कमरे में उसके भांजे धनबहादुर का परिवार रहता था, जो पिछले पांच वर्षों से ही अर्की में दिहाड़ी मजदूरी का काम करता था। अग्निकांड में उनका पूरा परिवार लापता हो गया। मोहन बहादुर का कहना है कि उन्होंने नेपाल में घर पर इसकी सूचना दी है, वहां पर भी मातम पसरा हुआ है।