हिमाचल के बाजार में ‘हलाल’ मार्क वाली हरी इलायची ने बढ़ाया सस्पेंस, क्या है इसके पीछे की असली कहानी?

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हिमाचल प्रदेश के बाजारों में हरी इलायची के पैक पर हलाल का मार्क लगाकर बेचे जा रहे उत्पादों ने व्यापारियों और ग्राहकों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) इस संबंध में जांच करने की बात कर रहा है। साथ ही प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के उत्पाद पर प्रतिबंध है। 

जानकारी के अनुसार एफएसएसएआई से पंजीकृत यह ब्रांड अब प्रदेश के बाजारों में पहुंच चुका है, जो खासकर उर्दू और इंग्लिश में हलाल का मार्क किए हुए हैं। उत्तर प्रदेश में भी इस प्रकार के उत्पाद के आने के बाद राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इसका वितरण बंद करवा दिया था। 

अब हिमाचल में भी इस प्रकार के हलाल मार्क के ब्रांड की मौजूदगी ने कारोबारी वर्ग में हलचल मचा दी है। एफएसएसएआई के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के उत्पाद अरब देशों के लिए एक्सपोर्ट किए जाते हैं और भारत में इस प्रकार के ब्रांड को प्रचलित नहीं किया जाता। अधिकारी इन उत्पादों के सैंपल लेकर लैब में भेजेंगे। एफएसएसएआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के ब्रांड को भारतीय बाजार में प्रचलित करने की अनुमति नहीं है। केवल अरब देशों में ही इस प्रकार के उत्पादों का उपयोग होता है और यह भारत में नियमों के खिलाफ है।

इस प्रकार का हलाल ब्रांड भारत के किसी भी राज्य में बिक्री के लिए प्रचलित नहीं है। उत्तर प्रदेश में पहले ऐसे उत्पाद पर प्रतिबंध लगाया गया था। अब यदि हिमाचल के बाजारों में भी यही ब्रांड पहुंचा है तो सैंपल लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी। व्यापारी और ग्राहक सामान की खरीदारी सावधानी से करें और पैकिंग पर ध्यान दें। – जगदीश धीमान सहायक आयुक्त, एफएसएसएआई

व्यापार मंडल विरोध में उतरा
हिमाचल प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष सोमेश शर्मा ने कहा कि ऐसी कंपनियों का विरोध करना चाहिए और बहिष्कार भी करना चाहिए, जो हलाल आदि शब्दों का प्रयोग करती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इन कंपनियों के लाइसेंस रद्द किए जाएं और तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए।

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