
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पंचायती राज एक्ट में संशोधन का निर्णय लेते हुए फैसला किया है कि जो लोग चिट्टे की तस्करी में संलिप्त हैं, वे पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इसके लिए राज्य मंत्रिमंडल ने पंचायती राज संशोधन विधेयक 2026 के ड्राफ्ट को अपनी मंजूरी दे दी। पंचायत चुनाव से ठीक पहले राज्य सरकार इसके लिए विधानसभा में विधेयक पारित करने जा रही है। पारित विधेयक को राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही नया कानून अस्तित्व में आ जाएगा।
सोमवार को बजट सत्र शुरू होने से पहले सुबह साढ़े 10 बजे सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसमें यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेश के 151 सरकारी सीबीएसई स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए 2,068 शिक्षक रखे जाएंगे। कैबिनेट ने यह भी फैसला लिया कि मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, नेरचौक और आईजीएमसी शिमला में बायो फिजिक्स विभाग शुरू किए जाएंगे। नाहन मेडिकल कॉलेज को शहर से बाहर शिफ्ट करने को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय उप समिति की रिपोर्ट बैठक में रखी गई। कैबिनेट ने मेडिकल कॉलेजों में इंटर कॉलेज बनाने, टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए पेट स्कैन मशीन खरीदने को भी मंजूरी दी है। छह विद्या उपासकों को जेबीटी शिक्षक बनाने का भी निर्णय लिया है। बैठक में एंट्री टैक्स लगाने पर अनौपचारिक चर्चा की गई, लेकिन इस पर फैसला नहीं हुआ।
खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध को देखते हुए सभी प्रमुख शहरों में घरेलू गैस की आपूर्ति पाइपों से करने का निर्णय लिया गया। सभी पेट्रोलियम कंपनियों को इस बारे में सुविधाएं देने पर मंत्रणा हुई। विशेषकर भूमि अधिग्रहण के मामलों में पेट्रोलियम कंपनियों को सहयोग करने के मामले पर चर्चा हुई। वर्तमान में ऊना के कुछ इलाकों में इस तरह की सुविधा है। सोलन के बद्दी और नालागढ़ में अभी काम चल रहा है।
नगर पंचायत-नगर परिषद में सीधे चुनाव नहीं होंगे
राज्य में नगर पंचायत व नगर परिषदों के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के चुनाव सीधे नहीं होंगे। कैबिनेट में गए इस एजेंडे पर सहमति नहीं बनी। कई मंत्रियों ने सीधे चुनाव को सही नहीं माना। पार्षद ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को चुनेंगे।
27 तक रोस्टर, 31 मार्च को राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपे जाएंगे दस्तावेज
प्रदेश सरकार ने 27 मार्च तक आरक्षण रोस्टर तय करने को कहा गया है। हालांकि, पहले यह तिथि 25 मार्च निर्धारित थी। विधानसभा के चलते तिथि को आगे बढ़ाया गया है। 31 मार्च को पंचायतीराज विभाग चुनाव के संबंधित दस्तावेज राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपेगा। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव की तिथि घोषित की जानी है।
