
हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना में स्वास्थ्य योजनाओं के दुरुपयोग को लेकर बड़े खुलासे हो रहे हैं। विजिलेंस की जांच की सुई आयुष्मान योजना की ओर भी घूम रही है। पता चला है कि जो लोग आयुष्मान योजना में कवर थे, उनके भी निजी अस्पतालों ने हिमकेयर कार्ड बनाकर सरकारी कोष को चूना लगाया। ऐसे में विजिलेंस अब हिमकेयर के साथ आयुष्मान योजना की भी जांच करेगी। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने योजना का रिकॉर्ड मांग लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर तथ्य सामने लाने को कहा है।
सूत्रों के अनुसार जांच में संकेत मिले हैं कि निजी अस्पतालों के प्रशासन ने लाभार्थियों की पात्रता की सही जांच किए बिना ही दोनों योजनाओं का लाभ दिखाकर वित्तीय अनियमितताएं की हैं। एक ही मरीज के नाम पर दोनों योजनाओं के तहत क्लेम किए जाने की आशंका जताई जा रही है। विजिलेंस ने जांच के दौरान कुछ संदिग्ध दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं। इनमें मरीजों का पंजीकरण, उपचार विवरण, क्लेम राशि और भुगतान से संबंधित दस्तावेज हैं।
नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित अस्पताल प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, पंजीकरण रद्द करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। अब निजी अस्पतालों के प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की जाएगी।
