
लोकतंत्र के महापर्व में उम्र का पड़ाव और शारीरिक दिक्कतें भी बुजुर्गों के हौसले को नहीं डिगा सकीं। पंचायत के मतदान के दौरान 96 वर्षीय शांता देवी व 92 वर्षीय बुजुर्ग तुलसी देवी ने पोलिंग बूथों पर पहुंचकर न सिर्फ अपने मताधिकार का प्रयोग किया, बल्कि युवाओं को भी मतदान के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। ढलती उम्र में देश के विकास और मजबूत लोकतंत्र के लिए बुजुर्गों का यह अतुलनीय समर्पण हर किसी के लिए प्रेरणा बन गया है। 96 वर्षीय शांता देवी ने किया मतदान लोकतंत्र के महापर्व में उम्र का पड़ाव भी बाधा नहीं बन सका। कायलर गांव की रहने वाली 96 वर्षीय बुजुर्ग शांता देवी ने समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है। बढ़ती उम्र और शारीरिक दिक्कतों के बावजूद, वह पूरे उत्साह के साथ कोठी देवरा स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचीं। उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग कर युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। पाट्टी गांव की 92 वर्षीय बुजुर्ग तुलसी देवी ने ढलती उम्र में भी हार नहीं मानी और वोट डालने प्राथमिक स्कूल डांगरी वार्ड पहुंचीं। मतदान केंद्र पर मौजूद लोगों ने उनके इस जज्बे की सराहना की। तुलसी देवी और उनके साथ आए परिवार सदस्यों ने कहा कि देश के विकास और मजबूत लोकतंत्र के लिए हर एक वोट बेहद कीमती है।
80 वर्षीय रामदेई ने लोकतंत्र में निभाई अपनी जिम्मेदारी
क्षेत्र के पकनेटा वार्ड की रहने वाली 80 वर्षीय बुजुर्ग रामदेई ने लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। उन्होंने डांगरी वार्ड के मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपना कीमती वोट डाला। इस उम्र में भी उनका हौसला और देश के प्रति समर्पण देखकर वहां मौजूद अन्य मतदाता बेहद प्रभावित हुए। रामदेई ने सभी से बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील की
77 वर्षीय रोशन सिंह ने किया मताधिकार कर प्रयोग
चुनावी उत्सव के दौरान डांगरी के 77 वर्षीय बुजुर्ग रोशन सिंह ने मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। जीवन के इस पड़ाव पर भी रोशन सिंह के भीतर वोट डालने को लेकर युवाओं जैसा जोश दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि मतदान करना हमारा अधिकार और कर्तव्य दोनों है, इसलिए घर पर बैठने के बजाय हर नागरिक को वोट जरूर डालना चाहिए।
