
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सोलन के रिहायशी प्रोजेक्ट चेस्टर हिल्स में वित्तीय अनियमितताओं, बेनामी लेनदेन और धारा-118 के उल्लंघन के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने राज्य और केंद्र सरकार समेत प्रदेश के मुख्य सचिव, डीजीपी, पुलिस अधीक्षक शिमला-सोलन, संजय गुप्ता, ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। इसके अलावा चेस्टर हिल्स के प्रमोटर एवं डेवलपर हंसराज, आदित्य सिंगला और अर्पित गर्ग को भी नोटिस जारी कर तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने अस्थायी राजस्व सचिव रहते हुए चेस्टर हिल्स के प्रमोटरों को लाभ पहुंचाने वाले आदेश जारी किए, जिसके बदले में उन्होंने पंजाब के खरड़ में लगभग 3.15 हेक्टेयर जमीन खरीदी। याचिका के अनुसार, इस जमीन की बाजार कीमत 75 से 125 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है, जबकि संजय गुप्ता ने इसके लिए केवल 1 करोड़ 38 लाख रुपये का भुगतान किया। आरोप है कि जमीन की खरीद के लिए धनराशि चेस्टर हिल्स के प्रमोटरों की ओर से उपलब्ध करवाई गई थी।
चेस्टर हिल्स के प्रमोटरों ने यह पैसा जमीन खरीदने में इसलिए लगाया क्योंकि अस्थायी राजस्व सचिव रहते हुए गुप्ता ने उन्हें लाभ पहुंचाया था। याचिका में यह भी कहा गया है कि उस समय नियमित राजस्व सचिव केके पंत अवकाश पर थे और उनके स्थान पर संजय गुप्ता ने कार्यभार संभाला था। इसी दौरान उन्होंने ऐसे आदेश पारित किए जो उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर बताए जा रहे हैं। हालांकि बाद में राज्य सरकार ने उन आदेशों को वापस ले लिया था।
