संजौली मनीषा मित्तल हत्याकांड: सरस्वती पैराडाइज स्कूल का बैंक खाता फ्रीज, शूटरों को तीन दिन का और रिमांड

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सरस्वती पैराडाइज इंटनेशनल स्कूल का रिकॉर्ड जिला प्रशासन ने कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही स्कूल का बैंक खाता भी फ्रीज कर दिया है। अब जिला प्रशासन की मंजूरी के बाद ही इसमें लेन देन हो पाएगा। स्कूल में पुलिस की तैनाती की गई है।जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त प्रशासक एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा ने सोमवार को स्कूल का दौरा किया। इस दौरान स्कूल प्रबंधन ने सारा रिकॉर्ड प्रशासक को सौंप दिया।

हालांकि, कुछ रिकॉर्ड अभी स्कूल की गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन रहे हिमांक मित्तल के पास है। मित्तल ने 24 जून दोपहर 2:00 बजे तक यह रिकॉर्ड प्रशासक के पास जमा करने का वक्त मांगा है। अब प्रशासन स्कूल प्रबंधन की ओर से सौंपे रिकॉर्ड की जांच करेगा। 13 जून को इस स्कूल के गेट पर दो हमलावर शूटरों ने स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दिनदहाड़े हुई वारदात के बाद से स्कूल में पुलिस की तैनाती की गई है। एडीएम ज्योति राणा को छह महीने के लिए स्कूल का प्रशासक नियुक्त किया है।

स्कूल के बाहर अवैध पार्किंग हटाने के आदेश
प्रशासक ने स्कूल के बाहर संकरी सड़क के किनारे होने वाली अवैध पार्किंग हटाने के भी निर्देश दिए हैं ताकि बच्चों को आवाजाही में परेशानी न हो। एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा ने सोमवार दोपहर के समय अभिभावकों से भी बात की। अभिभावकों ने कहा कि उन्हें सिर्फ बच्चों की सुरक्षा की चिंता है। स्कूल संचालिका हत्याकांड के बाद से अभिभावक दहशत में है। एडीएम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यहां पुलिस की तैनाती जारी रहेगी।

एसपी को लिखा पत्र : एडीएम ने स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने के लिए एसपी को पत्र लिखा है। इसमें स्कूल समय खासकर सुबह और शाम के वक्त निगरानी कड़ी करने को कहा है। एडीएम ने बच्चों से भी बात की। शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बच्चों की पढ़ाई पहले की तरह ही जारी रखें। बच्चों की पढ़ाई में बाधा न पड़े, इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा।

परिजनों पर भी घूम रही शक की सुई: मनीषा की हत्या को 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी ये पहेली बना हुआ है। शूटरों से पुलिस सात दिन तक पूछताछ कर चुकी है, इसके बावजूद हत्या के पीछे छिपे साजिशकर्ता का कोई खुलासा नहीं हो पाया है।

पुलिस की जांच संपत्ति विवाद, आपसी रंजिश और अन्य कई पहलुओं के बीच उलझी हुई है। शूटरों से कड़ी पूछताछ कर कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस हत्याकांड में मनीषा का हर करीबी शक के दायरे में है, जबकि जांच में मिलने वाला हर नया नाम भी संदेह की नजर से देखा जा रहा है। पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए शिमला से लेकर रोहतक, रेवाड़ी और शूटरों के घर तक पहुंच चुकी है। मनीषा के पुराने वीडियो को भी जांच का आधार बनाया गया है। 

इसके बावजूद हत्या के मकसद और साजिशकर्ता का पता नहीं चल पाया है। मनीषा ने पहले भी अपनी जान को खतरा बताया था। मनीषा के भाई, पति और स्कूल प्रबंधन सहित हर करीब व्यक्ति को जांच में शामिल किया जा रहा है। पुलिस को इससे किसी भी तरह के सुराग मिलने की उम्मीद है।

पुलिस ने आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन का और रिमांड मिला है। पुलिस पूछताछ कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास करेगी, ताकि गुत्थी सुलझाई जा सके।

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