
हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) मंडी की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बिलासपुर के धराड़सानी फोरलेन पर एक स्कॉर्पियो वाहन से 101 ग्राम हेरोइन, जिसे स्थानीय भाषा में चिट्टा भी कहा जाता है, बरामद की गई है। इस मामले में पुलिस ने पंजाब के मोगा निवासी तीन युवकों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
नाकाबंदी के दौरान हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ मंडी की टीम धराड़सानी फोरलेन के समीप नियमित गश्त और नाकाबंदी पर तैनात थी। इसी दौरान, पंजाब नंबर की एक स्कॉर्पियो वाहन को जांच के लिए रोका गया। वाहन में सवार तीन युवकों से जब पूछताछ की गई, तो उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। पुलिस को संदेह हुआ और उन्होंने वाहन की गहन तलाशी लेने का निर्णय लिया।
डैशबोर्ड में छिपाकर रखी थी हेरोइन
तलाशी के दौरान, पुलिस को स्कॉर्पियो के डैशबोर्ड के अंदर छिपाकर रखी गई एक सफेद रंग की जुराब बरामद हुई। इस जुराब के भीतर मिले संदिग्ध पदार्थ को इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौला गया, जिसका वजन 101 ग्राम पाया गया। प्रारंभिक जांच में यह पदार्थ हेरोइन (चिट्टा) निकला, जो एक अत्यंत नशीला पदार्थ है।
पंजाब के मोगा के निवासी गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जगशीर सिंह, हरप्रीत सिंह और जसविंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो सभी पंजाब के मोगा जिले के निवासी हैं। तीनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और पुलिस थाना झंडूता में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
नशे के खिलाफ अभियान जारी रहेगा: डीएसपी मुख्यालय
डीएसपी मुख्यालय मदन धीमान ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान पूरी गंभीरता से जारी रहेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए पुलिस पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और नशा कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
