सरकार के दांव से फीकी पड़ी हड़ताल, बैकफुट पर आई चालक-परिचालक यूनियन

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एचआरटीसी चालक-परिचालक यूनियन सरकार के कड़े रुख और व्यापक वैकल्पिक इंतजामों के बाद बैकफुट पर आ गई। यूनियन को निगम के अन्य कर्मचारी संगठनों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला, जिसके चलते आंदोलन संबंधी फैसले पर पुनर्विचार करना पड़ा। इस बीच यूनियन के पदाधिकारी सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम के साथ बैठक करने भी पहुंचे, जहां विभिन्न मांगों और विवादित मुद्दों पर चर्चा हुई।

सरकार ने संभावित बस सेवा बाधित होने की स्थिति को देखते हुए पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर ली थी। एचआरटीसी में 656 अस्थायी चालकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जबकि हाल ही में पदोन्नत हुए चालकों और परिचालकों को भी बस संचालन में लगाया गया। इसके अलावा निगम प्रबंधन ने आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर कर्मचारियों की तैनाती की

चालक-परिचालकों के हड़ताल पर जाने के फैसले के निर्णय के बाद एचआरटीसी सर्व कर्मचारी यूनियन की निगम प्रबंधन निपुण जिंदल के साथ बैठक हुई। इसमें यूनियन ने हड़ताल पर न जाने की बात ही। यूनियन के अध्यक्ष समर चौहान ने बताया कि सरकार ने एस्मा लगाया है। ऐसे में हड़ताल पर जाने का औचित्य नहीं बनता है। योजना तैयार कर दी। सरकार की ओर से एस्मा लागू किए जाने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई।

एचआरटीसी में 500 चालकों की भर्ती का परिणाम जल्द : मुकेश
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) कर्मचारी यूनियन की हड़ताल पर उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक एजेंडे के तहत हड़ताल की बात नहीं होनी चाहिए। वर्ष 2016 में भी अदालत एचआरटीसी की हड़ताल को गलत ठहरा चुकी है। सरकार सख्त निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेगी।

एचआरटीसी में 500 चालकों की भर्ती का परिणाम भी जल्द घोषित होगा। कहा कि 98 फीसदी चालकों और परिचालकों को पसंद की जगह पर लगाया गया है। सरकार हर महीने समय पर वेतन और पेंशन का भुगतान कर रही है। एचआरटीसी कर्मचारियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता दिया जा रहा है।

निगम में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ भी उपलब्ध कराया गया है। एक जनवरी 2023 से 30 मार्च 2026 तक पेंशनरों को कुल 239.45 करोड़ रुपये के लाभ दिए गए हैं। इनमें डेथ एवं रिटायरमेंट ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट और संशोधित पेंशन शामिल हैं। इसी अवधि में कर्मचारियों को भी 74.39 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ प्रदान किए गए हैं। इनमें ओवरटाइम, रात्रि भत्ता, महंगाई भत्ता और एरियर का भुगतान शामिल है। कुल मिलाकर 314 करोड़ रुपये से अधिक के लाभ दिए गए हैं। 

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