
हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा फैसला लेने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े में आने वाले समय में 1000 नई बसें शामिल की जाएंगी। इसके साथ ही प्रदेश में 200 हाइड्रोजन बसें चलाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को हमीरपुर बस स्टैंड से 35 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य एचआरटीसी को मजबूत करने के साथ उसे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
इलेक्ट्रिक बसों से घटेगा परिचालन खर्च
सीएम सुक्खू ने बताया कि प्रदेश सरकार अब तक एचआरटीसी के लिए 297 इलेक्ट्रिक बसें खरीद चुकी है। उनके अनुसार इलेक्ट्रिक बसों को चलाने की लागत करीब 38 रुपये प्रति किलोमीटर आती है, जबकि डीजल बसों के संचालन में यह खर्च लगभग 70 से 75 रुपये प्रति किलोमीटर तक पहुंच जाता है। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने से निगम के रोजमर्रा के परिचालन खर्च में कमी आएगी। साथ ही प्रदूषण कम करने और हिमाचल को पर्यावरण के लिहाज से अधिक अनुकूल परिवहन व्यवस्था देने में भी मदद मिलेगी।
अधिकारियों की संख्या घटेगी, ड्राइवर-कंडक्टर बढ़ेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआरटीसी को वित्तीय रूप से मजबूत करने के लिए निगम के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव किया जाएगा। उच्च स्तर पर अधिकारियों की संख्या कम करने और ड्राइवरों तथा कंडक्टरों की संख्या बढ़ाने पर जोर रहेगा। उन्होंने कहा कि बस सेवा को जमीन पर चलाने में ड्राइवर और कंडक्टर सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और वे निगम की रीढ़ हैं। सरकार का फोकस इसी आधारभूत व्यवस्था को मजबूत करने पर है।
इलेक्ट्रिक बसों के फैसले पर उठे थे सवाल
हिमाचल को ग्रीन स्टेट बनाने की सरकार की योजना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उनकी सरकार के पहले बजट में इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का प्रस्ताव सामने आया था, तब कई लोगों ने इस फैसले पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि उस समय सरकार के अनुभव को लेकर भी टिप्पणियां की गई थीं, लेकिन आज वही अधिकारी इन योजनाओं की सराहना कर रहे हैं।
हमीरपुर में जिला लाइब्रेरी का लोकार्पण
हमीरपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जिला लाइब्रेरी का उद्घाटन भी किया। इसके बाद उन्होंने नेता जी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय परिसर में कन्या छात्रावास की आधारशिला भी रखी।
