
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। बिलासपुर और सोलन जिले की सीमा के पास भराड़ीघाट-नलाग मार्ग पर देर रात अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। इसी दौरान वहां से गुजर रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस बड़े हादसे की जद में आने से बच गई। बस चालक ने खतरे को भांपते हुए वाहन पीछे कर लिया, जिससे यात्रियों की जान बच गई।
अचानक गिरी चट्टानें, बस चालक ने तुरंत लिया फैसला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रात में अचानक पहाड़ी से पत्थरों के गिरने की आवाज आई। कुछ ही क्षणों में मलबे का बड़ा हिस्सा सड़क पर आ गया। उस वक्त एचआरटीसी बस उसी रास्ते से गुजर रही थी। खतरा देखते ही आसपास मौजूद लोगों ने चालक को बस रोकने और पीछे करने के लिए कहा।
घटना के वीडियो में भी मौके की स्थिति साफ दिखाई दे रही है। वीडियो में एक व्यक्ति चालक को बस पीछे लेने के लिए कहता सुनाई देता है। चालक ने बिना समय गंवाए बस को पीछे कर लिया। इसके तुरंत बाद सड़क पर मलबा फैल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बस कुछ पल और आगे बढ़ती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
मलबे से बंद हुआ मार्ग
भूस्खलन के बाद सड़क पर पत्थरों और मिट्टी का ढेर लग गया। इससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। बरसात के मौसम में पहाड़ियों के दरकने की लगातार घटनाओं के कारण स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में भी चिंता बनी हुई है।
सुबाथू में बारिश के बीच गिरा कच्चा मकान
सोलन जिले के सुबाथू में भी शुक्रवार को बारिश के दौरान एक कच्चा मकान ढह गया। हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में कमजोर मकानों, सड़कों और पहाड़ी ढलानों पर खतरा बढ़ गया है।
इसी क्षेत्र में कुछ दिन पहले हुआ था दर्दनाक हादसा
भराड़ीघाट क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा पहले भी सामने आ चुका है। मंगलवार को इसी इलाके में एक चलती कार पर बड़ी चट्टान आ गिरी थी। हादसे में शिमला के मॉल रोड पर बुकस्टोर संचालित करने वाले कांग्रेस नेता अनिल बख्शी की मौत हो गई थी। उनकी पत्नी और बेटा भी हादसे में घायल हुए थे।
लगातार दो घटनाओं ने इस मार्ग पर बरसात के दौरान सफर की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान अचानक चट्टानें और मलबा गिरने से वाहन चालकों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है
