
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ तथ्यों के साथ श्वेत पत्र लाएगी। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि इसकी चार्जशीट कमेटी में वही लोग हैं, जिन पर इन्हीं ने भ्रष्टाचार के आरोप लाए थे। उन्हाेंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आपदा राहत के लिए की गई 1500 करोड़ रुपये की घोषणा को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार करे पत्र लिखा है।
वह दोबारा भी पत्र लिखेंगे। भाजपा के नेता परवाणू से आगे नहीं जाते हैं और हिमाचल के हितों की बात केंद्र से नहीं करते हैं। भाजपा सांसदों की उपलब्धियां सोशल मीडिया पर ही दिखती हैं। दीपकमल में सोशल मीडिया की पूरी टीम है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता मुख्यमंत्री के कहां से कागज निकाले जाएं। इसमें जुटे हैं। एक एडीआर की रिपोर्ट दिखा दी।
बीस साल पहले 14 लाख का फ्लैट खरीदा था, उसे दो करोड़ रुपये का दिखा दिया। ये लोग अपने भ्रष्टाचार को छिपाते हैं। पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मत्रिमंडल विस्तार पर एक प्रारंभिक बैठक हो चुकी है। अब हाईकमान से बात होगी तो विस्तार कर दिया जाएगा।
भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का कैडर करने पर सुक्खू ने कहा कि अधिकारियों की संख्या सीमा में रहनी चाहिए। उनका मानना है कि इस दृष्टिकोण को सही दृष्टि में देखा जाना चाहिए। प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह कदम है। कहा कि आए दिन नौकरियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नौकरियों की परीक्षाओं में 80 फीसदी तक जा रहा है। वर्तमान सरकार में कोई पेपर लीक नहीं होगा, जो पेपर लीक करेगा वह सलाखों के पीछे होगा।
