
हिमाचल प्रदेश की पंचायतों में ढाई महीने के लिए प्रशासक लगेंगे। पटवारी, कानूनगो और पंचायत सचिव को प्रशासक लगाया जाएगा, हालांकि, डीडीओ पावर बीडीओ के पास रहेगी। पहले अध्यापकों को भी यह जिम्मेदारी दी जा रही थी, लेकिन स्कूलों में परीक्षाओं के चलते अब इन्हें प्रशासक नहीं लगाया जाएगा। 31 जनवरी को पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। सरकार के पास पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव भी आया है लेकिन एक्ट में इस तरह का प्रावधान नहीं है। ऐसे में सरकार ने प्रशासक लगाने की तैयारी कर ली है।
उधर, पंचायतों में दोबारा से पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन की प्रक्रिया चल रही है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह प्रक्रिया अब रुक सकती है। सोमवार को मुख्य सचिव, प्रधान सचिव देवेश कुमार और पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास सचिव सीपाल रासु हाईकोर्ट के फैसले को लेकर बैठक करेंगे। इसके बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची के साथ बैठक करेंगे। हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सचिवालय में राज्य निर्वाचन अधिकारी और कर्मचारियों के साथ बैठक की। इसमें हाईकोर्ट की ओर से आए फैसले पर विस्तृत चर्चा की गई।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से तैयार की गई वोटरलिस्ट में 56 लाख मतदाता है। मतदाता सूचियां तैयार कर ली गई हैं। सिर्फ छपाई का काम शुरू होना है। जिस ठेकेदार को छपाई का काम सौंपा गया था, उसे जिला निर्वाचन अधिकारियों को ओर से डाटा उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसी बीच सरकार ने वार्डों का पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन का काम शुरू किया है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने 3 करोड़ बैलेट पेपर की छपाई की है। इन बैलेट पेपर को पंचायत भवन में पुलिस की सुरक्षा में रखा गया है। इसके अलावा हिमाचल में 22,000 बूथ स्थापित किए जाने हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कराने को तैयार है। आयोग की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई है। सरकार से रोस्टर जारी करने की बात कही गई थी, आयोग को रोस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया है। सूचना मिली है कि हाईकोर्ट से आए फैसले के बाद सरकार 16 जनवरी को होने वाली कैबिनेट में इस मामले पर चर्चा करेगी। ऐसे में सरकार के फैसले का इंतजार है। सरकार के सहयोग के बगैर चुनाव नहीं कराया जा सकता है।- अनिल खाची, आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग
हाईकोर्ट ने बैठक करने को कहा गया है। मुख्य सचिव, शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव और पंचायतीराज की संयुक्त बैठक होगी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग के साथ भी बैठक की जानी है। आपस में सलाह करने के बाद स्थिति क्लीयर हो सकेगी। – सी पालरासू, पंचायती राज विभाग सचिव
हाईकोर्ट के आए फैसले को गंभीरता से देखा जाएगा, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। हिमाचल में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव कराए जाने हैं- अनिरुद्ध सिंह, ग्रामीण एवं पंचायतीराज विभाग मंत्री
