
हिमाचल सरकार ने नगर निकायों के सुचारु संचालन के लिए एसडीएम को एक लाख से पांच लाख रुपये तक के काम करवाने के प्रशासनिक अधिकार दे दिए हैं। प्रशासनिक व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक सरकार की ओर से आगे कोई आदेश जारी नहीं किए जाते हैं।
शहरी विकास विभाग ने बुधवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। हाल ही में राज्य के 47 नगर निकायों में वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी, कार्यकारी अधिकारी और सचिव प्रशासक नियुक्त किए गए हैं। अधिसूचना के मुताबिक विकास कार्यों में बाधाएं न आएं, इसके चलते यह व्यवस्था की गई है। प्रशासक के रूप में नियुक्त अधिकारी अपने-अपने नगर निकायों में नियमित कार्यों के साथ-साथ शहरी सेवाओं के संचालन की जिम्मेदारी निभाएंगे। प्रशासकों की नियुक्ति और एसडीएम को सीमित वित्तीय अधिकार से क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सफाई, नालियों की मरम्मत जैसे जरूरी कार्यों को मंजूरी मिल सकेगी।
बिलासपुर, श्रीनयना देवी, घुमारवीं, तलाई, चंबा, डलहौजी, चुवाड़ी, सुजानपुर टिहरा, नादौन, भोटा, कांगड़ा, नूरपुर, नगरोटा बगवां, देहरा, ज्वालामुखी, बैजनाथ-पपरोला, जवाली, शाहपुर, कुल्लू, मनाली, भुंतर, बंजार, सुंदरनगर, सरकाघाट, जोगिंद्रनगर, नेरचौक, रिवालसर, करसोग, रोहड़ू, रामपुर, ठियोग, सुन्नी, नारकंडा, चौपाल, कोटखाई, जुब्बल, नाहन, पांवटा साहिब, राजगढ़, नालागढ़, परवाणु, अर्की, संतोसगढ़, मैहतपुर-बसदेहरा, दौलतपुर-चौक, गगरेट और टाहलीवाल नगर निकायों में प्रशासक नियुक्त किए गए हैं।
