
बिलासपुर के बाद अब सोलन में पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (आरएलए) में वाहनों के फर्जी सत्यापन का मामला सामने आया है। आरएलए की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में बताया गया है कि आरएलए के एक क्लर्क की ई वाहन पोर्टल की लॉगिन आईडी को बाहर से एक्सेस किया जा रहा था और कोई शातिर खुद वाहनों की वेरिफिकेशन कर रहा था। हालांकि, एमवीआई या आरएलए को इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि लॉगिन आईडी एक्सेस कर शातिर व्यावसायिक वाहनों का पंजीकरण खुद ही कर रहे थे। साथ ही वाहनों के वजन उठाने की क्षमता में भी मनमर्जी से बदलाव किया जा रहा था। साथ ही वाहनों की ट्रांसफर को लेकर भी छेड़छाड़ हुई है। यह छेड़छाड़ काफी दिनों से चल रही थी। अब आरएलए ने पता चलने पर पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इस फर्जीवाड़े के पीछे किसी गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। बड़ा सवाल यह है कि क्लर्क की लॉगिन आईडी उन शातिरों तक कैसे पहुंची। आने वाले दिनों में इस मामले में क्लर्क से भी पूछताछ संभव है। कितने वाहनों की वेरिफिकेशन किस स्तर तक शातिरों ने खुद की है, या फिर बिलासपुर की यहां पर भी चोरी की गाड़ियों का फर्जी तरीके से पंजीकरण किया जा रहा था, इसके बारे में भी पुलिस जांच कर पता लगाएगी।
पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि आरएलए की ओर से एक क्लर्क की लॉगिन आईडी से छेड़छाड़ कर वाहनों की वेरिफिकेशन करने का मामला दर्ज करवाया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस जल्द ही तह तक पहुंचेगी।
