
सरहदों पर वीरता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के बाद वीरता पुरस्कार विजेताओं को गृह कर से मुक्त करने के प्रस्ताव को राज्य सरकार ने नामंजूर कर दिया है। ऐसे मे सैनिक कल्याण विभाग की इस योजना पर पूर्ण विराम लग गया है। जानकारी के अनुसार सैनिक कल्याण विभाग निदेशालय हमीरपुर की ओर से राज्य सरकार को वीरता पुरस्कार से सम्मानित सैनिकों का गृह कर माफ करने को लेकर प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन, राज्य सरकार ने नियमों का हवाला देते हुए इसे नामंजूर कर दिया है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में 1226 ऐसे पूर्व सैनिक व उनके आश्रित हैं, जिन्हें वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इनमें परमवीर चक्र से लेकर सेना मेडल विजेता पूर्व सैनिक व उनके आश्रित हैं। ऐसे में उन्हें सम्मान देने के लिए निदेशालय सैनिक कल्याण विभाग हमीरपुर की ओर से एक प्रस्ताव के माध्यम से पूर्व सैनिकों व आश्रितों को गृह कर न वसूलने की बात कही गई थी।
हिमाचल में वर्तमान समय में चार परमवीर चक्र विजेता, चार अशोक चक्र विजेता, 10 महावीर चक्र, 25 कीर्ति चक्र, 57 वीर चक्र, 99 शौर्य चक्र विजेता, 608 सेना मेडल व विशिष्ट सेना मैडल, 185 मेन्शन इन डिस्पैच, दो जार्ज क्राॅस, दो मिलिट्री क्राॅस विजेता हैं। इसके अलावा हिमाचल में सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल, परम विशिष्ट सेवा मेडल, वशिष्ट सेवा मेडल, इंडियन डिस्टनिस्ट सर्विस मेडल, मिलिट्री मेडल उत्तम युद्ध सेवा मेडल तथा नौ सेना मेडल और वायु सेना मेडल विजेता भी शामिल हैं।
सैनिक कल्याण विभाग निदेशालय की ओर से वीरता पुरस्कार से सम्मानित सैनिकों और पूर्व सैनिकों को गृह कर के दायरे से बाहर रखने के लिए एक प्रस्ताव भेजा गया था। इसे नियमों के तहत संभव न होने के कारण नामंजूर कर दिया गया है। -ब्रिगेडियर मदनशील, निदेशक, निदेशालय सैनिक कल्याण विभाग, हमीरपुर
