
हिमाचल प्रदेश के राशन डिपुओं में देरी या खाद्य पदार्थों की खराब गुणवत्ता को लेकर अब लाखों उपभोक्ताओं को भटकना नहीं पड़ेगा। राज्य खाद्य आयोग जल्द ही हेल्पलाइन नंबर जारी करेगा। इसके माध्यम से उपभोक्ता फोन और व्हाट्सएप पर सीधे शिकायत दर्ज करवा सकेंगे। आयोग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल ने कुल्लू दौरे के दौरान बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा।
इसके जरिए राशन की समय पर आपूर्ति न होने या गुणवत्ता में कमी की शिकायत सीधे आयोग तक पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि आपदा प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों को बरसात से पहले तीन माह का राशन कोटा एकमुश्त उपलब्ध करवाया जाएगा। इसमें आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलने वाला राशन भी शामिल रहेगा। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अब मोबाइल टेस्टिंग मशीन से मौके पर ही सैंपल भरे जाएंगे।
भारतीय खाद्य निगम, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग तथा खाद्य सुरक्षा विभाग आपसी तालमेल से इस व्यवस्था को लागू करेंगे। आटे की गुणवत्ता की जांच राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत की जाएगी और मिलों में आटे की प्रोसेसिंग संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में होगी। डॉ. कत्याल ने कहा कि लोगों की सेहत से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। राशन के भंडारण और वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी लिए जा रहे हैं।
