
सीएम सुक्खू के गृह विधानसभा नादौन में प्रस्तावित हिमाचल का पहला स्पाइस पार्क अब पीपीपी मोड पर बनेगा। जायका इस स्पाइस पार्क के निर्माण में हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के साथ अहम भूमिका निभाएगा। इस प्रोजेक्ट में पांच करोड़ के वायबिलिटी गैप फंड (वीजीएफ) का प्रावधान जायका करेगा। यह प्रोजेक्ट की कुल लागत का 25 फीसदी होगा। बीते वर्ष बजट में प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट के बजट प्रावधान का एलान किया था। नादौन के बड़ा में स्पाइस पार्क बनाया जाएगा। एक दशक पहले इस प्रोजेकट के लिए 10 एकड़ भूमि चिह्नित की गई थी। हल्दी, अदरक और लहसुन के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित स्पाइस पार्क हमीरपुर जिले के नादौन में स्थापित किया जाएगा, जबकि इसका प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र सिरमौर जिले के धौलाकुआं में निर्मित किया जाएगा।
हालांकि पार्क का मुख्य यूनिट बड़ा में ही होगा। धौलाकुआं के प्रसंस्करण में अदरक और लहसुन की प्रोसेसिंग होगी। सिरमौर में यह दोनों फसलें बहुतायात में होती हैं, ऐसे में यहां पर इसकी प्रोसेसिंग की सुविधा किसानों को मिलेगी। जायका इस योजना में किसानों को बाजार उपलब्ध करवाने का कार्य करेगा। एक दशक पहले नादौन में स्पाइस पार्क के निर्माण को लेकर कवायद शुरू हुई थी। वर्ष 2014 में यूपीए सरकार में इस पार्क का शिलान्यास तत्कालीन केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने चंडीगढ़ से ऑनलाइन शिलान्यास किया था। मुख्यमंत्री सूक्खू उस वक्त कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष थे और वह इस पार्क के लिए संघर्षरत रहे थे।
देश और प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद यह योजना सिरे नहीं चढ़ सकी थी। उस वक्त 17 करोड़ के निवेश की योजना थी, लेकिन पार्क नए लीज रूल्स की तकनीकी अड़चनों में फंस गया। जमीन हस्तांतरण के पचड़ों से यह प्रोजेक्ट तत्कालीन वीरभद्र सरकार और फिर जयराम सरकार में सिरे नहीं चढ़ पाया। अब मौजूदा सरकार नए संरचना के साथ आगे बढ़ रही है, हालांकि निर्माण पहले चिह्नित भूमि में किया जाएगा।
प्रथम चरण में हल्दी, लहसुन और अदरक की होगी खरीद
स्पाइस पार्क किसानों से प्रथम चरण में अदरक, लहसुन और हल्दी की खरीद होगी। पार्क से रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। स्पाइसेज बोर्ड के अनुसार स्पाइस पार्क की मशीनरी से अदरक, लहसुन, हल्दी की प्रोसेसिंग की जा सकेगी। स्पाइस बोर्ड खुद यहां पर कई मसाले तैयार करेगा। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर इन फसलों की खरीद कर मसाले तैयार किए जाएंगे और बाजार भी उपलब्ध होगा।
प्रदेशभर के लाखों किसानों को मिलेगा लाभ
स्पाइस पार्क के नादौन में स्थापित होने से हिमाचल में मसाला उद्योग को पंख लगने उम्मीद है। हल्दी की प्राकृतिक खेती को लेकर सरकार गंभीर है और इसे 90 रुपये प्रतिकिलोग्राम की दर से खरीद की जा रही है। स्पाइस पार्क जहां ग्रामीणों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम रोल अदा करेगा। वहीं, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भी लोगों के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे।
पीपीपी मोड पर स्पाइस पार्क का निर्माण प्रस्तावित है। जायका इसके लिए पांच करोड़ का वायबिलिटी गैप फंड (वीजीएफ) खर्च करेगा। एमओयू साइन हो गया है। प्रथम चरण में अदरक, लहसुन और हल्दी की खरीद किसानों से होगी।
-सुनील चौहान, परियोजना निदेशक, जायका कृषि परियोजना
