
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे पूर्व सैनिकों के लिए मानद पद बहाल करने के आदेश जारी किए हैं। इस नई व्यवस्था में सेवाकाल के आधार पर पदोन्नति का प्रावधान किया गया है, इसमें 8 वर्ष की सेवा पूरी करने पर हेड कांस्टेबल (एचएचसी) और 15 वर्ष की सेवा पर सहायक उप निरीक्षक (एचएएसआई) का दर्जा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री की ओर से जारी आदेशों में अब सेवाकाल के आधार पर इन कर्मियों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा। प्रदेश पुलिस में भर्ती के दौरान 15 फीसदी कोटा पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित है।
वर्तमान में पुलिस बल में लगभग 2,500 से 3,000 पूर्व सैनिक कार्यरत हैं, जिन्हें इस निर्णय से सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से लंबित इस मांग के पूरा होने से पूर्व सैनिकों के मनोबल में वृद्धि होगी और उन्हें उनकी सेवाओं के अनुरूप सम्मान मिल सकेगा। हिमाचल प्रदेश पुलिस में तैनात पूर्व सैनिक अपने सैन्य अनुभव, अनुशासन और विशेष कौशल से नागरिक सुरक्षा में विशेष योगदान दे रहे हैं। पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में रंगरूटों को प्रशिक्षित करने, ड्रिल इंस्ट्रक्टर के रूप में अनुशासन बनाए रखने और विशेष इकाइयों जैसे बम निरोधक दस्ता, वीआईपी सुरक्षा तथा संचार सेवाओं में भी पूर्व सैनिक तैनात हैं।
