
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जारी गैस कनेक्शनों के वितरण में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। योजना में बिलासपुर के लाभार्थी के नाम से चल रहे गैस कनेक्शन के सिलिंडर से यूपी के मेरठ जिले में चूल्हा जल रहा है। दखयुत निचला गांव निवासी एक युवक का आरोप है कि उसके नाम पर गैस कनेक्शन जारी दिखाया जा रहा है, जबकि उसे कभी कनेक्शन मिला ही नहीं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित कनेक्शन उत्तर प्रदेश के मेरठ क्षेत्र में संचालित हो रहा है।
दखयुत निचला निवासी दिनेश कुमार ने बताया कि उनके पिता के नाम पर घरेलू गैस कनेक्शन था। पिता के निधन के बाद वह मंगलवार को घुमारवीं स्थित गैस एजेंसी में कनेक्शन अपने नाम स्थानांतरित कराने पहुंचे थे। इस दौरान एजेंसी कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि उनके नाम पर पहले से ही एक गैस कनेक्शन दर्ज है।
दिनेश कुमार के अनुसार यह सुनकर वह हैरान रह गए, क्योंकि उन्होंने कभी अपने नाम पर गैस कनेक्शन नहीं लिया और न ही इसके लिए आवेदन किया था। उन्होंने कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद रिकॉर्ड की जांच की गई। जांच में उनके नाम पर एक सक्रिय गैस कनेक्शन दर्ज मिला। इतना ही नहीं, कनेक्शन से जुड़ा मोबाइल नंबर भी उनका नहीं था। ग्रामीण के अनुसार रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी से पता चला कि उनके नाम पर जारी कनेक्शन का उपयोग उत्तर प्रदेश के मेरठ में किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि यह कनेक्शन लढ़याणी क्षेत्र से जारी दिखाया गया है।
जब उन्होंने संबंधित गैस संचालक से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि कनेक्शन उनके नाम पर ही जारी है, लेकिन वर्तमान में वह किसके पास है, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। दिनेश कुमार का कहना है कि यदि उनके नाम पर कनेक्शन जारी किया गया था तो वह उन्हें कभी प्राप्त नहीं हुआ। ऐसे में सवाल उठता है कि लाभार्थी के नाम पर जारी गैस कनेक्शन आखिर किस व्यक्ति को दिया गया और उसका उपयोग कौन कर रहा है।
मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित तेल कंपनी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि एक व्यक्ति के नाम पर इस प्रकार की अनियमितता सामने आई है तो अन्य लाभार्थियों के रिकॉर्ड की भी जांच की जानी चाहिए।
हो सकता है फर्जीवाड़े का खुलासा
ग्रामीणों का कहना है कि मामले की गहन जांच होने पर उज्ज्वला योजना के तहत हुए संभावित फर्जीवाड़े का खुलासा हो सकता है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और वास्तविक लाभार्थियों को उनका अधिकार दिलाने की मांग की है।
