
हिमाचल में होने जा रहे शहरी निकाय चुनाव में उम्मीदवारों पर आयोग की पैनी नजर रहेगी। आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों से आयोग सख्ती से निपटेगा। गंभीर मामलों में संबंधित उम्मीदवार का नामांकन तक रद्द करने के साथ-साथ मुकदमा भी दर्ज होगा।
आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को उम्मीदवारों और उनके समर्थकों पर विशेष नजर रखने को कहा है। किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि, मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास या सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग ने मतदान प्रक्रिया से जुड़े नियमों को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। चुनाव के दौरान मतपत्रों को मतदान केंद्र से बाहर ले जाना गंभीर अपराध माना जाएगा।
यदि कोई व्यक्ति ऐसा करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने कर्मचारियों को सख्ती से निर्देश दिया है कि वे किसी भी उम्मीदवार या उनके समर्थकों के घर पर नहीं ठहर सकते। यदि इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ तुरंत निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने सभी जिलों के अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है। आम जनता से भी अपील की गई है कि वह चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या उल्लंघन की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
इन सख्त निर्देशों के जरिये आयोग ने साफ संदेश दिया है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
