
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नेतृत्व का निर्णय जनता करती है, न कि किसी परिवार या वंश के आधार पर। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री के बयान ‘राजशाही मानसिकता’ को दर्शाते हैं।
लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि: बिंदल
डॉ. बिंदल ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेतृत्व का अधिकार सभी नागरिकों को समान रूप से प्राप्त है और लोकतंत्र में जनता का जनादेश ही सर्वोपरि होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका परिवार लंबे समय से समाज सेवा से जुड़ा रहा है और उन्हें अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता साबित करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
राजनीतिक विमर्श के स्तर पर सवाल
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विक्रमादित्य सिंह लगातार व्यक्तिगत टिप्पणियां कर राजनीतिक विमर्श के स्तर को गिरा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी मंत्री द्वारा उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर उन्होंने उच्च न्यायालय में मानहानि का मामला दायर किया था।सरकार के कार्यकाल पर उठाए सवाल
डॉ. बिंदल ने राज्य सरकार के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़कों की दयनीय स्थिति, विकास कार्यों की धीमी गति और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर जनता परेशान है। उनका आरोप था कि सरकार इन गंभीर समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में अधिक समय व्यतीत कर रही है।
चुनाव नतीजों का हवाला, विपक्ष पर हमले का आरोप
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने हाल के पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस को अपेक्षित सफलता न मिलने का हवाला देते हुए कहा कि इसी के कारण विपक्ष पर व्यक्तिगत हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणाम जनता के रुख को स्पष्ट करते हैं।
विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की अपील
अंत में, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर विकास कार्यों, सड़कों की स्थिति, रोजगार सृजन और अन्य जनहित के मुद्दों पर प्राथमिकता से काम करने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश की प्रगति के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है।
