
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पेंशन संशोधन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने का निर्णय लिया है। वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 15 जुलाई 2026 से पेंशन संशोधन के सभी प्रकरण केवल मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से ही भेजे जाएंगे। इस तिथि के बाद किसी भी प्रकार का कागजी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं पात्रता) कार्यालय ने राज्य सरकार को सूचित किया है कि सभी पेंशन संशोधन प्रकरण अब ऑनलाइन माध्यम से ही भेजे जाएंगे। इसके लिए मानव संपदा पोर्टल में विशेष व्यवस्था उपलब्ध करा दी गई है, जिसके माध्यम से संबंधित कार्यालय पेंशन संशोधन की पूरी प्रक्रिया पूरी करेंगे।
आदेश में कहा गया है कि विभागों में नियुक्त अधिकृत कर्मचारी सेवा पुस्तिका से जुड़े प्रकरणों का सत्यापन करने के बाद मानव संपदा पोर्टल पर पेंशन संशोधन के दस्तावेज तैयार कर उन्हें प्रधान महालेखाकार कार्यालय को भेजेंगे।
वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 जुलाई 2026 या उसके बाद प्रधान महालेखाकार कार्यालय किसी भी पेंशन संशोधन का कागजी प्रकरण स्वीकार नहीं करेगा। इसलिए सभी विभागाध्यक्षों को अपने अधीन कार्यरत आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को निर्धारित मानक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला कोषाधिकारी और कोषागार अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित अधिकारियों को पेंशन संशोधन के मामलों को ऑनलाइन भेजने और उनकी प्रक्रिया पूरी करने में आवश्यक सहयोग दें। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से पेंशन संशोधन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनेगी। साथ ही कागजी कार्यवाही कम होगी और मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।
