हिमाचल: जगत सिंह नेगी बोले- 30 बोरी सेब खरीद की बातें अफवाह, कैबिनेट बैठक में होगा फैसला

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मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत इस बार हिमाचल प्रदेश में सेब खरीद की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। एक बागवान से अधिकतम कितनी मात्रा में सेब खरीदा जाएगा, इसका फैसला सोमवार 20 जुलाई को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में होगा। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने शुक्रवार को प्रदेश सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि एक बागवान से 20 या 30 बोरी सेब खरीदने का अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कैबिनेट को प्रस्ताव भेजा गया है। बैठक में चर्चा के बाद ही तय होगा कि एक हेक्टेयर भूमि तक के बागवान से कितनी मात्रा में सेब खरीदा जाएगा।

उन्होंने सोशल मीडिया और कुछ समाचार पत्रों में 20 बोरी की सीमा तय होने की खबरों को भ्रम फैलाने का प्रयास बताया। नई व्यवस्था के तहत बागवानों को मोबाइल एप पर अपना पंजीकरण करना होगा। यह पंजीकरण बागवान स्वयं कर सकते हैं या लोकमित्र केंद्र और पंचायत सचिव के माध्यम से भी कराया जा सकेगा। भूमि संबंधी जानकारी हिमभूमि पोर्टल से प्राप्त की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि बागवानी विभाग ने पिछले 40 वर्षों के आंकड़ों का अध्ययन किया है

इसके अनुसार एक हेक्टेयर या करीब 12 बीघा भूमि में औसतन 25 प्रतिशत तक फसल नुकसान का आंकड़ा स्वीकार्य माना जा सकता है। इस बार के आंकड़ों से भी स्पष्ट है कि छोटे बागवानों की संख्या अधिक है और उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है।एमआईएस के तहत सेब बेचने से पहले बागवान को एप पर यह जानकारी देनी होगी कि वह कितनी बोरियां लेकर खरीद केंद्र पर पहुंच रहा है।

इसकी सूचना पहले ही सेंटर इंचार्ज को मिल जाएगी, जिससे उसी के अनुसार सेब के भंडारण की व्यवस्था की जा सकेगी। खरीद केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ विभागीय अधिकारियों की निगरानी रहेगी। खरीदे गए सेब की बिक्री भी मोबाइल एप के माध्यम से की जाएगी। बागवानों को भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा, जिससे भुगतान लंबित रहने की समस्या को दूर किया जा सके

22 किलो से अधिक सेब पेटियों में भरने पर होगी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर 28 से 30 किलो तक सेब पेटियों में भरा जा रहा है, जिससे नुकसान अंततः बागवानों का ही होता है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

निगम भंडारी पर बोले, व्यक्तिगत नाराजगी नहीं, सिस्टम से नाराज हूं
बागवानी मंत्री ने किन्नौर जिले के नव नियुक्त अध्यक्ष निगम भंडारी के बयान पर कहा कि उनकी किसी व्यक्ति से व्यक्तिगत नाराजगी नहीं है, बल्कि वह व्यवस्था से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि वह सिस्टम के भीतर रहकर उसे सुधारने का प्रयास कर रहे हैं।

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