क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी मामले में आरोपी की जमानत खारिज, मनु सिंघवी केस की सुनवाई 10 मार्च को

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बहुचर्चित क्रिप्टो करेंसी घोटाले से जुड़े मामले में विशेष न्यायाधीश दविंदर कुमार की अदालत ने आरोपी सुरेंद्र कुमार नेगी की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। सुरेंद्र कुमार नेगी पर कोरविओ, वोस्क्रो, हाइपेनेक्स्ट जैसे फर्जी प्लेटफॉर्म्स के जरिएये लोगों से ठगी करने का आरोप है। मामला पुलिस थाना पालमपुर में दर्ज से जुड़ा है। अदालत ने कहा कि यह गंभीर आर्थिक अपराध है, जिसमें बड़ी साजिश और जनता के पैसे की भारी क्षति हुई है। सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए न्यायाधीश ने कहा कि आर्थिक अपराधों में जमानत 4 देते समय सार्वजनिक हित और राज्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखना जरूरी है। सुरेंद्र नेगी की सक्रिय भूमिका, गवाहों को प्रभावित करने की आशंका और जांच अधर में होने के कारण जमानत नहीं दी जा सकती। इस घोटाले के मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा दुबई भाग गया है।

हाईकोर्ट में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी रहे अभिषेक मनु सिंघवी की राज्यसभा चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर अब 10 मार्च को सुनवाई होगी। बुधवार को सिंघवी की ओर से प्रतिवादी की ओर से दाखिल जवाब के बदले प्रति उत्तर दाखिल किया है। मामले की सुनवाई न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की अदालत कर रही है। इस मामले में हाईकोर्ट पहले ही इश्यू फ्रेम कर चुका है। अब केस में दोनों पक्षों में बहस और गवाही होनी है। बता दें कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी एवं सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने मुकाबला बराबरी पर छूटने के बाद पर्ची सिस्टम से विजय घोषित करने के नियम को हाईकोर्ट में चुनौती दे रखी है।  अभिषेक मनु सिंघवी के अनुसार नियम की एक धारणा को उन्होंने याचिका में चुनौती दे रखी है। जब मुकाबला बराबरी पर होता है तो उसके बाद पर्ची निकाली जाती है। 

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