
शिमला जिले के पुलिस थाना कोटखाई के अंतर्गत छमरोटा में डंगे के निर्माण के दौरान गिरे मलबे में दबने से नेपाली मूल के पति-पत्नी की मौत हो गई। यह दंपती निजी डंगे के निर्माण के लिए नींव की खोदाई कर रहे थे। इसी बीच मलबा उनके ऊपर गिर गया। जब तक लोगों ने उन्हें मलबे से निकाला तब तक दोनों ने दम तोड़ दिया था। जानकारी के अनुसार छमरोटा में एक महिला ने अपने खेत में डंगा लगाने का काम एक ठेकेदार को दिया है। ठेकेदार ने निर्माण कार्य के लिए नेपाली दंपती प्रेम और अनिता को भेजा। वह पिछले कई दिनों से इस निर्माण कार्य में लगे थे। रविवार दोपहर को जब यह दोनों डंगे की नींव के लिए खोदाई कर रहे थे तो ऊपर से भारी मात्रा में मलबा उन पर गिर गया। मलबा गिरने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए, लेकिन जब तक उनके ऊपर से मलबा हटाया गया, तब तक उनकी मौत हो गई थी। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। सूचना बागी पुलिस चौकी में दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच दोनों के शवों को कब्जे में लिया गया। उन्हें कोटखाई अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। एसएसपी संजीव गांधी ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जा रही है। गांधी ने कहा कि हादसे के कारणों की छानबीन की जा रही है।
डिग्री कॉलेज धर्मशाला के छात्रा मौत मामले में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट सोमवार को आ सकती है। संभावना जताई जा रही है कि बोर्ड की ओर से एम्स के विशेषज्ञ की ओर से अंतिम ओपीनियन प्राप्त होने के बाद रिपोर्ट को पुलिस को सौंपा जाएगा। इस मामले में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट भी अहम मानी जा रही है, जिससे काफी हद तक छात्रा मौत को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। मेडिकल बोर्ड के विशेषज्ञों ने छात्रा के स्वास्थ्य खराब होने के बाद विभिन्न अस्पतालों में हुए उपचार की रिपोर्टों का अध्ययन किया गया है। इसके अलावा मामले में फोरेंसिक लैब की ओर से डिजिटल उपकरणों की शेष रिपोर्ट भी पुलिस को मिलना बाकी है। वहीं, शनिवार को मामले को लेकर न्यायालय में हुई सुनवाई के बाद आरोपी प्रोफेसर और 2 छात्राओं की अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाकर 13 फरवरी तक की है और मामले की सुनवाई भी इसी दिन होगी। पुलिस उप महानिरीक्षक उत्तरी क्षेत्र धर्मशाला सौम्या सांबशिवन ने कहा कि मामले की जांच चली हुई है।
