बजट से विकास को रफ्तार—अगले पांच साल में ग्रामीण और शहरी ढांचे को मिलेगी ₹4,179 करोड़ की मजबूती

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ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का अगले पांच साल में 4,179 करोड़ से आधारभूत ढांचा मजबूत होगा। 16वें वित्तायोग की सिफारिशों के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पांच साल में 3744 करोड़ रुपये की ग्रांट दी जाएगी, जबकि शहरी क्षेत्रों के लिए यह मदद 435 करोड़ होगी। 16वें वित्तायोग की सिफारिश के बाद केंद्रीय बजट में हिमाचल के लिए ग्रांट का प्रावधान किया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 में यह ग्रांट 481 करोड़ रुपये मिलेगी। वर्ष 2030-31 में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सबसे ज्यादा 977 करोड़ मिलेंगे। पंचायतों में इस धनराशि से आधारभूत ढांचा विकसित होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, वर्षा शालिकाओं का निर्माण, फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट आदि कार्यों में इस राशि को खर्च किया जा सकेगा। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा शहरी क्षेत्रों (अर्बन लोकल बॉडी) के लिए ग्रांट कम रहेगी।

16 वें वित्तायोग की सिफारिशों के तहत हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पानी मिलेगा। केंद्र सरकार ने इस पर विशेष ध्यान दिया है। केंद्र सरकार से पांच वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मिलने वाली राशि के तहत पानी की स्कीमें बनेंगी। इन स्कीमों में फिल्टर की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर किया जाना है। लोगों को घर द्वार पर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया हो सके, इसके चलते केंद्र ने 16 वें वित्तायोग की सिफारिश के तहत ग्रांट का प्रावधान किया है।

पांच वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान रहेगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर कूड़ा डंप करने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आत्मनिर्भर भी बनाया जाएगा।

किसानों-बागवानों के लिए निराशाजनक बजट : हरीश
संयुक्त किसान मंच हिमाचल प्रदेश के संयोजक हरीश चौहान ने केंद्रीय बजट को पहाड़ी राज्यों के किसान बागवानों के लिए पूरी तरह निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि सेब, नाशपाती, कीवी, प्लम, आडू, खुरमानी, चेरी, सब्जी और फूल उत्पादकों को बजट में कोई ठोस राहत नहीं मिली। आयात शुल्क में कटौती और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के जरिए बागवानों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में धकेला जा रहा है, लेकिन उन्नत तकनीक, वैज्ञानिक सहयोग और पर्याप्त सब्सिडी नहीं दी जा रही। किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी और एफटीए के बाद विशेष पैकेज की उम्मीदें भी टूट गई हैं।

सेकेंडरी स्कूलों में कंटेंट लैब, हर जिले में कन्या छात्रावास से मिलेगा लाभ
केंद्रीय बजट में देश के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों में कंटेंट लैब खोलने की घोषणा की गई है। हिमाचल के स्कूलों में यदि यह सुविधा शुरू होती है तो डिजिटल माध्यमों वीडियो, ऑडियो, एनीमेशन, वर्चुअल प्रयोग, ई-कंटेंट से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इसके अलावा प्रत्येक जिले में कन्या छात्रावास स्थापित होने से भी लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय बजट में जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसके अलावा अखरोट और बादाम जैसी फसलों को सहायता देने की भी मोषणा की गई है। एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ के ग्रोथ फंड से प्रदेश के छोटे उद्यमियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

किस साल कितना बजट
वर्ष ग्रामीण निकाय शहरी निकाय
2026-27 481 56
2027-28 613 81
2028-29 793 89
2029-30 880 99
2030-31 977 100

यूरिया सब्सिडी में कटौती से बढ़ेंगी मुश्किलें : बिष्ट
शि प्रोग्रेसिव ग्रोअर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकिंदर सिंह बिष्ट ने केंद्रीय बजट को कृषि और बागवानी क्षेत्र के लिए निराशाजनक करार दिया है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और यूरिया सब्सिडी में कटौती से किसानों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। फार्म सेक्टर के लिए बजट में ठोस प्रावधानों का अभाव है। उन्होंने कहा कि पुराने बागानों के पुनरुद्धार और हाई डेंसिटी प्लांटेशन पर जोर स्वागत योग्य है, लेकिन आयातित सेब पर शुल्क कटौती से किसानों को समान प्रतिस्पर्धा नहीं मिल पा रही। भारत विस्तार कार्यक्रम में एआई के उपयोग की बात जमीनी हकीकत से दूर है।

उद्योगपति बोले- आत्मनिर्भर भारत को ध्यान में रख तैयार किया बजट
बीबीएन के उद्योगपतियों ने बजट की सराहना की है। कहा कि अप्रत्यक्ष रूप से उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। बजट में लंबे समय तक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं तैयार की है। इससे भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स सामान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए निवेश का प्रबंध रखा है। लघु उद्योगों के लिए पैसों की किल्लत को दूर करने का प्रयास किया गया। पुराने उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही है। इनकम टैक्स का सरलीकरण करने की ओर कदम बढ़ाया है।

अपने देश में तैयार होगा सामान… वीवीएन
उद्योग संघ के अध्यक्ष वाईएस गुलेरिया ने कहा कि देश में अभी इलेक्ट्रॉनिक्स मेगनेट, चिप आदि बाहर से आते हैं। इस बार बजट में इन सभी सामान को अपने ही देश में तैयार किया जाएगा। इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है। पुरानी योजनाएं होंगी मजबूत… लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष अखिल मोहन अग्रवाल ने कहा कि लघु उद्योगों में पैसों की किल्लत को दूर करने का प्रावधान किया गया है। पुरानी स्कीमों को सुदृढ़ करने की बात कही है। सरकारी कंपनियों को एमएसएमई से सामान खरीददारी करने व समय पर पैसे के लेन देन पर समय निर्धारित किया गया है।

पुराने उद्योगों को बजट… उद्योग संघ के
सलाहकार राजेंद्र गुलेरिया ने कहा कि पुराने उद्योगों देने के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया। देखा गया कि युवा अपने परिजनों की विरासत में मिले काम करने से कतराते है। इसलिए पुराने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बजट में प्रावधान रखा गया है। जिससे युवा अपने पुश्तैनी काम को आगे बढ़ा सके।

विकसित भारत की सिद्धि का बजट अनुराग
सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्रीय बजट को विकसित भारत और युवा आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने रिफार्म ओवर रहेट्रिक के सिद्धांत के तहत आर्थिक विकास, जन आकांक्षाओं की पूर्ति और सबका विकास के तीन कर्तव्यों को स्पष्ट किया है। उन्होंने बजट में खेलो इंडिया मिशन, स्किल और रोजगार के प्रावधानों को युवाओं के भविष्य के लिए क्रांतिकारी कदम बताया। यह बजट गरीबों, महिलाओं, युवाओं, किसानों, मध्यम वर्ग और अन्य जरूरतमंद वर्गों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पिछले 12 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था की परिवर्तनकारी यात्रा को आगे बढ़ाते हुए यह बजट नए भारत की नई कार्यसंस्कृति और विकास दृष्टिकोण को दर्शाता है।

युवा शक्ति और नए भारत का बजट: कंगना
भाजपा सांसद कंगना रणौत ने केंद्रीय बजट को युवाओं के सपनों और नए भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी का बजट बताया। उन्होंने कहा कि 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी लैब, डिजाइन स्कूल और डिजिटल कॅरियर के अवसर देश को ग्लोबल क्रिएटिव हब बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवा भी इस नई अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।

युवा शक्ति और नए भारत का बजट: कंगना
भाजपा सांसद कंगना रणौत ने केंद्रीय बजट को युवाओं के सपनों और नए भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी का बजट बताया। उन्होंने कहा कि 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी लैब, डिजाइन स्कूल और डिजिटल कॅरियर के अवसर देश को ग्लोबल क्रिएटिव हब बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवा भी इस नई अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।

प्रदेश के लिए विशेष अवसरों का बजट: सिकंदर कुमार
सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने बजट को भारत की आर्थिक संप्रभुता, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने वाला बजट बताया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि हिमाचल को पर्यटन, फार्मा और पर्वतीय कनेक्टिविटी योजनाओं से बड़ा लाभ होगा। कृषि क्षेत्र में डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रस्ताव से प्रदेश के बागवानों और किसानों की आय में वृद्धि होगी। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से पहाड़ी क्षेत्रों के परिवारों को आर्थिक राहत के साथ-साथ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त होगी।

केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तहत 13,949 करोड़ का लाभ : बिंदल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश किए गए बजट में हिमाचल प्रदेश को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तहत 13,949 करोड़ का लाभ होगा। बिंदल ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से प्रस्तुत यह बजट केवल आर्थिक आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का रोडमैप है, जो निवेश, उद्योग, रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और आम नागरिकों की आकांक्षाओं को केंद्र में रखता है। मोदी सरकार ने लोक-लुभावनवाद की बजाय आम लोगों को प्राथमिकता दी है और बयानबाजी की जगह सुधारों को चुना है। आत्मनिर्भरता हमारी अर्थव्यवस्था का मूल मंत्र बन चुकी है।

भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने केंद्रीय बजट 2026-27 को पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि 12.2 लाख करोड़ के रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय से इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और टीयर-2/3 शहरों को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्यों के लिए ईको-फ्रेंडली माउंटेन कॉरिडोर और पर्यटन को बढ़ावा देने वाली घोषणाएं प्रदेश के लिए विशेष सौगात हैं।

भाजपा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने केंद्रीय बजट 2026-27 को हिमाचल प्रदेश के लिए विकास और अवसरों का बजट बताया। उन्होंने कहा कि हेल्थ एंड केयर वर्कफोर्स योजना, मेडिकल टूरिज्म हब और आयुष सेक्टर को मजबूती देने वाले फैसले हिमाचल जैसे राज्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं को रोजगार और प्रदेश को स्वास्थ्य पर्यटन में नई पहचान देगा।

भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि बजट 2026-27 आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने वाला बजट है। एमएसएमई ग्रोथ फंड, ट्रेड्स प्लेटफॉर्म और टियर-2/3 शहरों में उद्यमिता समर्थन से हिमाचल के छोटे उद्योगों और युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।

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