
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी गड़बड़ी के कराने के लिए पूरे और कड़े निर्देश जारी किए हैं। नकल और गलत तरीकों के इस्तेमाल के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के अपने वादे को दोहराते हुए निदेशालय ने पूरे राज्य में परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए एक मजबूत और टेक्नोलॉजी से चलने वाला मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया है। निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली ने कहा कि है कि इन उपायों में सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाना जरूरी कर दिया गया है।
संस्थानों के प्रमुखों को सीसीटीवी सिस्टम लगाने, उनके रखरखाव और बिना किसी रुकावट के काम करने के लिए निजी तौर पर जिम्मेदार बनाया गया है, इसमें पर्याप्त पावर बैकअप और जनरेटर का इंतजाम भी शामिल है। परीक्षाओं के पूरे समय के दौरान लगातार निगरानी, साथ ही लाइव स्ट्रीमिंग और निदेशालय और हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के साथ रियल-टाइम डाटा शेयर करने की व्यवस्था जरूरी कर दी गई है। सभी परीक्षाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रूप से संभाल कर रखना होगा।
स्कूल शिक्षा निदेशक की सीधी देखरेख में वरिष्ठ अधिकारियों वाली डेडिकेटेड स्टेट लेवल मॉनिटरिंग टीमें बनाई गई हैं। टीमें परीक्षा केंद्र से लाइव सीसीटीवी फीड मॉनिटर करेंगी, तय नियमों का पालन वैरिफाई करेंगी और जहां भी कोई गड़बड़ी या संदिग्ध गतिविधि दिखेगी, उस पर तुरंत एक्शन लेंगी। निदेशालय, जिला और स्कूल स्तर पर पर कड़ी निगरानी और समन्वय के लिए नोडल ऑफिसर नियुक्त किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम जनता की सुविधा के लिए निदेशालय ने नकल, मास कॉपी या परीक्षा से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी की रिपोर्ट करने के लिए ऑफिशियल ई-मेल ID eleedu-hp@gov.in के साथ दो डेडिकेटेड हेल्पलाइन नंबर नोटिफाई किए हैं।
निदेशालय ने साफ कर दिया है कि सीसीटीवी कैमरे न लगाना या उनका खराब होना, सुपरविजन में लापरवाही, वीडियो रिकॉर्डिंग को संभालकर न रखना या किसी भी तरह की गड़बड़ी को बढ़ावा देने जैसी कोई भी चूक ड्यूटी में बड़ी लापरवाही मानी जाएगी। इस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाचार्य, केंद्र अधीक्षक, इनविजिलेटर या कोई भी दूसरा स्टाफ जो नकल कराने में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ तुरंत विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
