हिमाचल में एसपी इल्मा अफरोज पर बढ़ी सियासी हलचल, विशेषाधिकार नोटिस पर फिर कार्रवाई

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दून के विधायक राम कुमार की ओर से पुलिस अधीक्षक इल्मा अफरोज के खिलाफ दिए गए विशेषाधिकार हनन के नोटिस पर सरकार के माध्यम से फिर से जवाब मांगा गया है। पहले भेजा उत्तर संतोषजनक नहीं पाए जाने पर दोबारा उत्तर भेजने को कहा गया है। इसी तरह उपायुक्त मंडी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के नोटिस पर भी मुख्य सचिव के माध्यम से जवाब मांगा गया है।


उपायुक्त के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी की ओर से सचिवालय के कर्मचारी नेताओं के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के मामले में भी उत्तर का इंतजार है। पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर में यह जानकारी हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने दी।

दून के कांग्रेस विधायक राम कुमार ने बद्दी की पुलिस अधीक्षक रहीं इल्मा अफरोज पर जासूसी के आरोप लगाए थे। विधायक रामकुमार ने इसे विशेषाधिकार हनन का मामला बताते हुए इसकी विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष शिकायत की थी।  इसी पर उनसे गृह सचिव के माध्यम से जवाब तलब किया गया था। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन के खिलाफ युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने शिकायत की है कि 25 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस समारोह से एक दिन पहले मंत्री के मंडी आगमन पर डीसी उपस्थित नहीं हुए, जिसे उन्होंने प्रशासनिक उदासीनता मानते हुए विशेषाधिकार हनन करार दिया। 

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने राज्य सचिवालय अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष संजीव शर्मा और अन्य के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत की है। उन्होंने इनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पिछले बजट सत्र में भाजपा विधायकों के विरुद्ध अनुशासनहीनता का मामला अभी विचाराधीन है। 

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