HP Panchayat Election: मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण, एक लाख तक बढ़ सकते हैं नए वोटर

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हिमाचल प्रदेश में अब मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण होगा। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों दोनों में 1 जनवरी तक 18 साल पूरे कर चुके युवाओं की अनुपूरक मतदाता सूची बनेगी। पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने 28 अक्तूबर तक 18 साल पूरा कर चुके युवाओं को मतदाता सूचियों में जोड़ा था।  सुप्रीम कोर्ट ने 31 मई से पहले हिमाचल में पंचायत चुनाव कराने को कहा है। 18 साल की उम्र पूरी कर चुका कोई भी युवा वोट देने से वंचित न हो, ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग 1 जनवरी तक 18 साल पूरा कर चुके युवाओं को मतदाता सूचियों में शामिल करने का फैसला लिया है। इस तरह से वोटरों की संख्या कम से कम 1 लाख और बढ़ सकती है।

नए वोटरों को जोड़ने की अलग से सप्लीमेंटरी मतदाता सूची बनेगी। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से 10 दिन के भीतर लोगों से आपत्ति और सुझाव मांगे जाएंगे। उधर, पंचायतीराज विभाग ने आरक्षण रोस्टर की तैयारियां शुरू कर दी हैं। हिमाचल में जिन पंचायतों की जनसंख्या 3000 से 5000 के बीच है। उनका विभाजन होना है। 1500 तक पंचायतों की जनसंख्या रहेगी। ऐसे में हिमाचल में 40 और नए पंचायतें बन रही हैं। वर्तमान में 3577 पंचायतें हैम। ऐसे में इनकी संख्या बढ़कर 3617 हो जाएगी। इन पंचायतों की की वोटर लिस्ट भी अलग से बनाई जानी है। पंचायतीराज विभाग की ओर से नई पंचायतों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन का इंतजार है। इसके बाद वोटर लिस्ट को भी अलग किया जाना है।

हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज संस्थाओं का रोस्टर 25 मार्च से पहले आएगा। इसके बाद लोगों से आपत्ति और सुझाव मांगे जाएंगे। पंचायतीराज विभाग इन दिनों नई पंचायतों के गठन और रोस्टर तैयार करने में जुटा है।

हिमाचल में अब तक 55.19 लाख वोटर
राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक प्रदेश में 55.19 लाख मतदाता हैं। इसमें करीब 27,93,161 पुरुष और 27,26,548 महिलाएं शामिल हैं। कांगड़ा में 13,17,390, बिलासपुर में 330655, चंबा में 422091, हमीरपुर में 378151, किन्नौर में 5887, कुल्लू में 335042, लाहौल स्पीति में 25602, मंडी में 865432, शिमला में 517149, सिरमौर में 411481, सोलन में 420552, ऊना में 437287 मतदाता हैं।
 

हिमाचल प्रदेश में अब मतदाता सूचियों का स्पेशल रिवीजन करना पड़ेगा। 1 जनवरी तक 18 साल पूरे कर चुके युवाओं को मतदाता सूचियों में शामिल करना है। राज्य निर्वाचन आयुक्त के साथ इस बारे में चर्चा होगी।– सुरजीत सिंह राठौर, सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग

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