
साइबर ठगों ने एक सरकारी कर्मचारी को शिकार बनाकर करीब 30 लाख रुपये की ठगी कर ली। शातिरों ने सोशल मीडिया के जरिये आईपीओ में भारी मुनाफे का लालच देकर इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना मध्य खंड मंडी में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित के अनुसार वेल्थ एलायंस और इंडियन सॉवरिन थिंकिंग जैसे ग्रुप्स के नाम पर टेलीग्राम के जरिये उससे संपर्क किया गया। ठगों ने एक फर्जी निवेश एप डाउनलोड करवाया, जिस पर फर्जी मुनाफा दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीता।
इसके बाद पीड़ित ने एक माह के भीतर 15 लाख और 14 लाख जैसी बड़ी किस्तों में कुल 30 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब पीड़ित ने राशि निकालनी चाही तो आरोपियों ने 12 लाख रुपये और जमा करने की मांग की गई। उन्हें कहा गया कि यह राशि अन्य धनराशि निकालने के लिए जरूरी है। यह सब घटना एक माह के अंतराल में हुई। लगातार धनराशि मांगने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने मंडी साइबर थाना में शिकायत दर्ज करवाई। उधर, साइबर पुलिस डीआईजी रोहित मालपानी ने कहा कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच जारी है।
मंडी में साइबर अपराध का यह पहला बड़ा मामला नहीं है। जनवरी में ही ठगों ने फर्जी सीबीआई और आरबीआई अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक व्यक्ति से 98 लाख रुपये ठग लिए थे। फर्जी वीडियो कॉल और अदालती कार्रवाई का डर दिखाकर इस बड़ी राशि को हड़पा गया था।
साइबर पुलिस डीआईजी रोहित मालपानी ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग निवेश से पहले सुनिश्चित करें कि कंपनी सेबी या आरबीआई से पंजीकृत है। कम समय में अत्यधिक मुनाफे और बिना जोखिम वाले वादों से सावधान रहें। सोशल मीडिया पर आए किसी भी अनजान निवेश लिंक या एप को डाउनलोड न करें। यदि कोई जल्दबाजी में पैसे जमा करने का दबाव बनाए तो वह ठग हो सकता है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
वहीं सब्जी मंडी बंदरोल के एक आढ़ती के साथ बिहार के दो व्यापारियों द्वारा 31 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। बार-बार कहने पर भी दोनों आरोपियों ने आढ़ती के 31 लाख रुपये नहीं दिए। शिकायत के बाद अब पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी पर प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस को दिए शिकायत पत्र में रायसन के डेहरासेरी निवासी आढ़ती ने कहा कि 9 अगस्त 2024 को उसकी दुकान से एक आरोपी सेब खरीद कर बिहार के मुजफ्फरपुर बेचने के लिए ले गया, जिसकी कुल कीमत 18,13,290 रुपये थी। बिहार के वैशाली का दूसरा आरोपी सेब बेचने के लिए ले गया, जिसकी कीमत 13,50,000 रुपये थी। दोनों आरोपियों ने काफी समय बाद भी सेब की कीमत अदा नहीं की। बार-बार फोन के माध्यम से संपर्क करने पर भी दोनों आरोपियों ने भुगतान करने से साफ इनकार कर दिया। इस प्रकार आरोपियों ने उसके साथ कुल 31,63,290 रुपये की धोखाधड़ी की है। गौर रहे कि कुल्लू में पहले भी आढ़तियों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कुल्लू मदन लाल कौशल ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। धोखाधड़ी को अंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
