वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़ा: Bilaspur ट्रांसफर के बाद तीनों ट्रक गायब, पुलिस ने जांच को गठित की विशेष टीमें

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पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (आरएलए) सोलन में हुए वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े में पुलिस की सामने एक और परेशानी खड़ी हो गई है। फर्जी तरीके से पंजीकृत हुए जिन ट्रकों की पुलिस जांच कर रही है, वह तीन ट्रक गायब हो गए हैं। पुलिस को न तो सोलन में उनका सुराग लगा है और न ही बिलासपुर के झंडूता में यह ट्रक मिले। जब से मामला पंजीकृत हुआ है, तब से पुलिस इन ट्रकों को ट्रेस कर रही है, लेकिन अभी तक कोई भी सुराग उनके हाथ नहीं लगा है। हालांकि, पुलिस को अंदेशा है कि उत्तर प्रदेश में ये ट्रक हो सकते हैं। मगर तब तक यह गुत्थी नहीं सुलझ पाएगी, जब तक फर्जी आईडी तैयार करने वालों का पता न चल सके। फिलहाल पुलिस की जांच टीम ट्रकों का पता लगा रही है। दूसरी ओर इस मामले की जांच में इसलिए भी परेशानी आ रही है कि जो फर्जी आईडी तैयार की गई थी, उसका मुख्य सर्वर दिल्ली में है। इसके आईपी एड्रेस कहां से बने थे, इसका पता किया जा रहा है। इसके लिए दिल्ली पुलिस से आईपी एड्रेस मांगे गए हैं। सभी एड्रेस मिलते ही पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंच जाएगी। 

सोलन के आरएलए में वाहनों के पंजीकरण में फर्जीवाड़ा सामने आया है। इसमें आरएलए के एक क्लर्क के नाम पर दो फर्जी आर्डडी बना रखी थीं। इसी आईडी से उत्तर प्रदेश के तीन ट्रकों का पंजीकरण सोलन के शामती पते पर कर दिया गया। इसमें एमवीआई से कोई भी वेरिफिकेशन नहीं करवाई गई। इसमें खुलासा तब हुआ, जब एमवीआई झंडूता ने वहां पर परमिट जारी करने से पहले सोलन एमवीआई से इसकी वेरिफिकेशन की जानकारी मांगी। वहीं एमवीआई ने जब एसडीएम सोलन को इस बारे में बताया तो यहां पर उसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। उसके बाद एसडीएम ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी थी। इसमें बिलासपुर में फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी क्लर्क पहले ही निलंबित कर दिया गया है।

आरएलए सोलन में पंजीकृत और बिलासपुर ट्रांसफर किए गए तीनों ट्रक का कोई सुराग नहीं मिल रहा है। तीनों ट्रक झंडूता में नहीं मिले। पुलिस को अंदेशा है कि वह उत्तर प्रदेश में कहीं पर गायब कर दिए गए हैं। पुलिस इसकी जांच कर रही है। -टी. साई दतात्रेय वर्मा, पुलिस अधीक्षक सोलन

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