
एम्स बिलासपुर में नवजात शिशुओं के इलाज और देखभाल की सुविधाएं और मजबूत होने जा रही हैं। संस्थान के नियोनेटोलॉजी विभाग में जल्द ही ऐसे आधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे, जिनकी मदद से नवजात बच्चों की जांच और देखभाल अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।
इन उपकरणों के आने से खासकर समय से पहले जन्मे और कम वजन वाले बच्चों को काफी राहत मिलेगी। अस्पताल में लगाए जाने वाले फाइबर ऑप्टिक ट्रांस इल्यूमिनेटर की मदद से डॉक्टर नवजात शिशुओं के शरीर में नसों को आसानी से देख सकेंगे। नवजात बच्चों की नसें बहुत पतली होती हैं, जिसके कारण ड्रिप या दवा लगाने में कई बार कठिनाई आती है। यह उपकरण तेज लेकिन ठंडी एलईडी रोशनी के माध्यम से नसों को स्पष्ट दिखाता है, जिससे डॉक्टरों को उपचार के दौरान काफी सुविधा मिलेगी और बच्चे को अनावश्यक दर्द से भी राहत मिलेगी।
नियोनेटोलॉजी विभाग में एक्सोथर्मिक एम्ब्रेस नामक पोर्टेबल बेबी वार्मर भी उपलब्ध होगा। यह विशेष रूप से समय से पहले जन्मे और कम वजन वाले बच्चों के लिए उपयोगी है। इसमें लगा पीसीएम जेल पैक लगभग 37 डिग्री सेल्सियस तापमान को कई घंटों तक बनाए रखता है, जिससे नवजात शिशु को ठंड से बचाया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार प्रीमैच्योर बच्चों के लिए शरीर का तापमान सामान्य बनाए रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि ठंड लगने से उनकी स्थिति गंभीर हो सकती है। यह उपकरण एंबलेंस में उपयोग होगा।
