पथरी के ऑपरेशन के बाद महिला की माैत पर मंत्री के बयान का वीडियो वायरल, लोग भड़के

Spread the love

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की में पथरी के ऑपरेशन के बाद महिला के मौत मामले पर स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर विवाद हो गया है। सोशल मीडिया पर भी बयान तेजी से वायरल हो रहा है। बयान का लोग विरोध कर रहे हैं और मामले में कार्रवाई करने के लिए कह रहे है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर छोटा शिमला में पुष्पांजलि कार्यक्रम के दौरान अर्की में महिला की पथरी के ऑपरेशन के बाद हुई मौत को लेकर स्वास्थ्य मंत्री से प्रश्न पूछा गया था। इस पर मंत्री ने कहा कि मामले में जांच की जा रही है और संबंधित तथ्यों को देखा जा रहा है। वायरल वीडियो में बातचीत खत्म होने के बाद वह बागवानी मंत्री से बातचीत करते हुए कह रहे हैं कि डेथ तो होनी ही है…पानी पीना नहीं, जितना मर्जी बोल लो। इसके बाद लोगों ने सोशल मीडिया में स्वास्थ्य मंत्री को घेरा। अस्पतालों में मरीजों के स्वास्थ्य से सरेआम खिलवाड़ हो रहा है। प्रदेशभर में स्वास्थ्य सुविधाओं के हाल बेहाल है। इस ओर मंत्री कोई ध्यान नहीं दे रहे और गलत बयानबाजी कर रहे हैं।पथरी के ऑपरेशन के बाद महिला की मौत पर परिजनों ने  लगाए लापरवाही के आरोप

वहीं नागरिक चिकित्सालय अर्की पर पथरी के ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत होने के आरोप लगे हैं। महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन व डॉक्टरों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। घटना के बाद क्षेत्र में रोष का माहौल है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। उधर अस्पताल प्रशासन ने जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बिठा दी है।

रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत भूमती के चुनाड़ी गांव की सीमा (44) पत्नी हंस राज निवासी को पथरी की समस्या के चलते बुधवार को अर्की अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया, लेकिन ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें महिला की वास्तविक स्थिति के बारे में समय पर सही जानकारी नहीं दी।

 ऑपरेशन के बाद अचानक तबीयत बिगड़ी, शरीर नीला पड़ने लगा था: परिजन

महिला के पति हंस राज, भाई नित्या नंद और दामाद दिनेश शर्मा ने बताया कि अस्पताल में उनका पथरी का ऑपरेशन करवाया गया। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उनका कहना है कि उनका शरीर अस्पताल में ही नीला पड़ने लगा था। उस समय डाॅक्टरों की ओर से उन्हें कहा गया कि मरीज की हालत गंभीर है और उसे बेहतर उपचार के लिए शिमला स्थित आईजीएमसी रेफर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि महिला के काफी खून बह रहा था। परिजनों ने दावा किया कि जब वे महिला को लेकर आईजीएमसी पहुंचे तो वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि महिला की मृत्यु लगभग दो घंटे पहले ही हो चुकी थी। इस जानकारी के बाद परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने उपचार प्रक्रिया में लापरवाही के आरोप लगाए।

परिजनों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि वीरवार को महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान पहुंचे स्थानीय लोगों ने भी स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग करते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के उपचार और आपातकालीन व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाए जाने की आवश्यकता है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी।
 

मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. मुक्ता रस्तोगी,खंड चिकित्सा अधिकारी, अर्की

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *