
विकास खंड रामपुर की नरैण पंचायत के ब्रांदली मतदान केंद्र के गोपनीय कक्ष में चुनाव कर्मचारियों ने दो मोहरें रख दीं। एक मोहर बैलेट पेपर पर प्रत्याशी के नाम के आगे लगाने वाली थी, जबकि दूसरी स्टैंप नोटा की थी। आशंका है कि यहां कुछ लोगों ने नोटा की स्टैंप से ही वोट डाल दिए। गड़बड़ी सामने आने पर यहां चुनाव रद्द कर दिया गया। उधर, करसोग के मैंहडी वार्ड में कुछ मतपत्रों पर बीडीसी प्रत्याशी का नाम छपा ही नहीं था। जबकि चुनाव चिह्न मौजूद था।
खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन ने बीडीसी पद के मतदान को निरस्त कर दिया। अब 28 मई को मतदान होगाजानकारी के अनुसार अधिकतर मतपत्र सही पाए गए, लेकिन कुछ बैलेट पेपरों में प्रत्याशी का नाम नहीं छपा था। सुबह के समय कई मतदाता मतदान कर चुके थे। बाद में जब गड़बड़ी की जानकारी सामने आई तो प्रशासन ने तुरंत जांच शुरू की और मतदान रद्द करने का फैसला लिया।
अब बीडीसी पद के लिए दोबारा मतदान की नई तिथि बाद में निर्धारित की जाएगी। उधर, डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि बीडीसी पद के लिए मतदान प्रक्रिया रद्द की गई है। अन्य पदों के लिए मतदान सामान्य रूप से जारी रहा। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच एसडीएम करसोग को सौंपी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, विकास खंड रामपुर की नरैण पंचायत के ब्रांदली मतदान केंद्र के गोपनीय कक्ष में चुनाव कर्मचारियों ने दो मोहरें रख दीं। नोटा की मोहर सिर्फ चुनावी कर्मचारी ही इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आशंका बन गई कि गोपनीय कक्ष में रखी इस मोहर का कई मतदाताओं ने अनजाने में इस्तेमाल कर लिया होगा।
खुलासा होने पर मौके पर पहुंचे एसडीएम रामपुर ने जांच की और इस बूथ पर मतदान को रद्द कर दिया। अब यहां तीस मई को मतदान होगा। ब्रांदली वार्ड में दोपहर करीब 12:30 बजे एक मतदाता ने दो मोहर रखने को लेकर सवाल उठाए। जब तक गलती का पता चलता, तब तक 40 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हो चुकी थी। नियमों के अनुसार गोपनीय कक्ष में केवल एक ही स्वास्तिक के निशान की मोहर होती है, जिसे मतदाता चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को मिले निशान पर लगाता है। बैलेट पेपर के सबसे अंतिम में नोटा का भी एक कॉलम होता है, जिसके आगे चुनाव कर्मी एक मोहर लगाते हैं, जिस पर उपरोक्त में से कोई नहीं… की छाप होती है। इस छाप वाली मोहर को भी चुनाव कर्मियों ने गोपनीय कक्ष में रख दिया था। जब इस बात की जानकारी ग्रामीणों को लगी, तो विवाद हो गया। वहीं, सूचना मिलते ही सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने कहा कि गलत स्टैंप के इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। नरैण पंचायत के वार्ड नंबर-एक के चुनाव को रद्द कर दिया गया है। उधर, नरैण पंचायत के पूर्व प्रधान नरेश चौहान ने इस मामले को गंभीर अनियमितता बताया और कहा कि चुनाव कर्मियों की अज्ञानता के कारण सैकड़ों मतदाताओं को परेशानी झेलनी पड़ी।
लापरवाही बरतने पर चार अधिकारी निलंबित
रामपुर विकास खंड की नरैण पंचायत के वार्ड नंबर एक ब्रांदली के चुनाव कार्य में लापरवाही बरतने पर पोलिंग पार्टी संख्या-65 के समस्त अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह आदेश जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने जारी किए। जांच में पाया गया कि मतदान कक्ष के अंदर निर्धारित एरो क्रॉस मार्क सील के साथ नोटा की रबर स्टांप भी छोड़ दी गई थी। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव जैसे संवेदनशील कार्य में पूर्ण जिम्मेदारी एवं सतर्कता अपेक्षित होती है। किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि पूरी पोलिंग पार्टी को निलंबित किया गया है। इसमें राजकीय उच्च विद्यालय देव नगर के टीजीटी एवं प्रिसाइडिंग अधिकारी अनिल कुमार, राजकीय उच्च विद्यालय मश्नू के एलटी एवं पोलिंग अधिकारी प्रकाश चंद, जीएसएसएस मुनिश बहाली के पीईटी एवं पोलिंग अधिकरी राज कुमार और विद्युत उपमंडल सराहन में जेओए एवं पोलिंग अधिकारी रमेश चंद शामिल हैं। आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान इन अधिकारियों का मुख्यालय खंड विकास अधिकारी कार्यालय रामपुर निर्धारित किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
ड्यूटी से नदारद मिले दो कर्मचारी, नोटिस जारी
चुनाव में ड्यूटी में लापरवाही के दो मामले सामने आए हैं। दोनों मामले उपमंडल मनाली के हैं। इनमें एक कर्मचारी कटराईं में वार्ड नंबर-दो बूथ अधिकारी और दूसरा दूसरा पोलिंग पार्टी नंबर 66 में नियुक्त था, लेकिन दोनों कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले हैं। ऐसे में कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लापरवाही पर उपमंडलाधिकारी एवं रिटर्निंग ऑफिसर मनाली गुरजीत चीमा ने संज्ञान लिया है। उन्होंने नदारद पाए गए कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 24 घंटे में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का स्पष्टीकरण लिखित में मांगा है।
30 मिनट रोकना पड़ा भडयाड़ा में मतदान
वहीं, पंचायत चुनाव में मंडी जिले के विकास खंड चौंतड़ा की भडयाड़ा पंचायत के वार्ड सदस्य के मत पत्रों में खामियां मिलने पर मतदान करीब 30 मिनट तक रोकना पड़ा। वार्ड पांच के वार्ड सदस्य के दो उम्मीदवारों के चुनाव चिह्न और प्रत्याशियों के नाम में खामियां पाई जाने पर चुनाव आयोग की टीम ने त्रुटियों को दूर कर वोटिंग नए सिरे से शुरू करवाई। उधर, खंड विकास अधिकारी अनुभव तनवर ने कहा कि भडयाड़ा पंचायत के एक वार्ड में वार्ड सदस्यों के मतदान पत्रों में कुछ त्रुटियां पाई गई थी, जिसे जल्द सुधार कर मतदान की प्रक्रिया को अमल में लाया गया है।
