
लगघाटी के जोखू नाला के पास हुए वीरवार को हुए हादसे के घायलों को क्षेत्रीय अस्पताल के ट्रामा सेंटर में पहुंचाया गया लेकिन यहां अव्यवस्थाओं ने उनके मर्ज को और बढ़ा दिया। ट्रामा सेंटर में घायलों को करीब ढाई घंटे तक सही ढंग से उपचार नहीं मिला। घायल तड़पते रहे, इस बीच एक घायल महिला की मौत भी हो गई। जीप दुर्घटना के सभी 10 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया था। ट्रामा सेंटर में एक ही चिकित्सक होने से उपचार में परेशानी आई।

वीरवार दोपहर करीब एक बजे काहिका मेले में भाग लेने जा रहे बेधार निवासियों की जीप जोखू नाला के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सूचना मिलने पर आसपास के लोगों ने तुरंत घायलों को क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के ट्रामा सेंटर में एक चिकित्सक मौजूद थे। घायलों की हालत गंभीर थी, इस कारण सभी का उपचार करने में दिक्कतें आईं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी हादसे और चिकित्सकों की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी। अस्पताल से डॉक्टर रेजिडेंस भी करीब 150 से 200 मीटर की दूरी पर है बावजूद 3:30 बजे के बाद टीम पहुंची। उसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी पहुंचे लेकिन ढाई घंटे तक घायल दर्द से कराहते रहे। गंभीर रूप से घायल दो लोगों को एम्स बिलासपुर रेफर किया गया है जबकि अन्य का उपचार किया जा रहा है।
संस्थाओं के स्वयंसेवियों ने संभाला मोर्चा
अस्पताल में कार सेवा दल, मल्ला साथी ट्रस्ट और अन्नपूर्णा के स्वयं सेवियों ने सड़क हादसे के घायलों के उपचार में मदद की। उन्होंने मरीजों को एंबुलेंस निकालने के अलावा ट्राॅमा की माइनर ओटी, एक्सरे और सीटी स्कैन लैब तक पहुंचाया।
स्ट्रेचर की खली कमी
अस्पताल के ट्रॉमा ओपीडी में घायलों और मरीजों को एंबुलेंस से ओपीडी तक लाने के लिए स्ट्रेचर की कमी भी खली। सड़क हादसे के घायलों और सामान्य मरीजों को ओपीडी तक लाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्ट्रेचर की कमी होने से मरीजों को एंबुलेंस में ही कुछ समय इंतजार करना पड़ा।
मृतकों के परिजनों को 20,000 दी फौरी राहत
जिला प्रशासन ने लगघाटी में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को 20,000-20,000 रुपये की फौरी राहत प्रदान की है। इसके अलावा घायलों के परिजनों को पांच-पांच हजार तथा एम्स बिलासपुर रेफर दो घायलों को दस-दस हजार रुपये की राहत प्रदान की गई है।इससे पहले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में पहुंचकर उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा, एएसपी संजीव चौहान ने मृतकों के परिजनों से मिलकर उन्हें ढाढ़स बंधाया और घायलों का हालचाल जाना। उपायुक्त ने कहा कि टाटा सूमो में दस महिलाएं, एक बच्चे समेत चालक सवार थे। कहा कि चिकित्सकों को सभी घायलों का बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
सड़क हादसे में सास और छोटी बहू ने गंवाई जान
लगघाटी में हुए सड़क हादसे में एक ही परिवार की दो महिलाओं ने जान गंवाई है, जबकि एक की हालत नाजुक बनी हुई है और क्षेत्रीय अस्पताल में उपचाराधीन है। हादसे में सास कली देवी और छोटी बहू मैना देवी की मौत हो गई है जबकि बड़ी बहू प्रोमिला का उपचार चल रहा है। इस परिवार के अलावा एक ओर परिवार भी है, जिसके चार सदस्य इस हादसे की चपेट में आए हैं। इनमें तारा और उसके बेटे आयांश की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बिलासपुर स्थित एम्स रेफर किया गया है, जबकि दो सदस्यों सवित्रा और उसकी बेटी अंजू को उपचार के लिए कुल्लू अस्पताल में भर्ती किया गया है।
ये सभी टाटा सूमो में ऊझी घाटी के शिरढ़ गांव में आयोजित काहिका मेले में जा रहे थे। मतदान करने के बाद ये सभी मेले के लिए खुशी-खुशी रवाना हुए, लेकिन घर से महज चार से पांच किलोमीटर का सफर करते ही टाटा सूमो खाई में जा गिरी और इनकी खुशियां एकाएक मातम में बदल गईं। जोखू नाला नामक स्थान पर हुए इस सड़क हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। मृतक मैना देवी के पति देवी सिंह ने कहा कि उनके परिजन मेला देखने के लिए शिरढ़ जा रहे थे, लेकिन वे घर से कुल्लू तक नहीं पहुंच पाए। कहा कि हादसे ने परिवार की खुशियों को छीन लिया है।
