रोहड़ू बुजुर्ग महिला हत्याकांड में तीन आरोपी गिरफ्तार, चोरी के लिए हुई थी हत्या

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रोहड़ू के शलाश डोगरी में 16 जून को 77 वर्षीय बुजुर्ग महिला गीता देवी हत्याकांड में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपी नेपाल के रहने वाले हैं और यहां विभिन्न क्षेत्रों में बागवानों के पास काम करते हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने चोरी के लिए डंडे से पीटकर बुजुर्ग की हत्या कर दी। यह जानकारी मंगलवार को पत्रकार वार्ता में एएसपी सिटी मेहर पंवार ने दी। उन्होंने कहा कि पुलिस थाना रोहड़ू में 16 जून को सूचना प्राप्त हुई थी कि शलाश डोगरी निवासी गीता देवी(77) अपने घर में मृत अवस्था में पाई गई हैं।

प्रारंभिक जांच में यह संदेह व्यक्त किया गया कि अज्ञात व्यक्तियों की ओर से चोरी की नीयत से घर में घुसकर महिला की हत्या की गई है। प्राप्त शिकायत के आधार पर पुलिस थाना रोहड़ू में 17 जून को मामला पंजीकृत किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की ओर से तत्काल जांच आरंभ की गई। आरोपियों में लाल बहादुर(28) उर्फ लालू  पुत्र नंद बहादुर, निवासी गांव जल्मा, छेड़ागढ़ नगरपालिका-1 नेपाल, जो वर्तमान में गांव शलान टिक्कर में रह रहा है। दूसरा आरोपी नवीन(19) पुत्र बीर बहादुर निवासी गांव घडेली, छेड़ागढ़ नेपाल जो वर्तमान में गांव गढ़शरी चिड़गांव में रह रहा है। तीसरा आरोपी संतोष(20) पुत्र बीर बहादुर, निवासी गांव घडेली छेड़ागढ़ नेपाल वर्तमान में गांव शलान में रह रहा है।मामला प्रारंभिक दृष्टि से ब्लाइंड मर्डर केस था: पंवार

पंवार ने कहा कि घटनास्थल को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित किया गया तथा फॉरेंसिक विशेषज्ञों की ओर से घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण कर महत्वपूर्ण जैविक एवं भौतिक साक्ष्य संकलित किए गए। मृतक महिला के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया तथा अन्य आवश्यक फॉरेंसिक साक्ष्य भी सुरक्षित किए गए।

पुलिस के अनुसार यह मामला प्रारंभिक दृष्टि से एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण एवं ब्लाइंड मर्डर केस था। घटनास्थल पर कोई प्रत्यक्षदर्शी उपलब्ध नहीं था, मृतक के घर या उसके निकट कोई सीसीटीवी कवरेज उपलब्ध नहीं थी तथा घटनास्थल से किसी बड़ी मूल्यवान संपत्ति के चोरी होने की भी पुष्टि नहीं हुई थी। ऐसे में मामले के अनावरण के लिए पुलिस के समक्ष सीमित प्रारंभिक सुराग उपलब्ध थे। जांच में मानव स्रोतों व तकनीकी साधनों का व्यापक उपयोग हुआ: एएसपी

एएसपी ने कहा कि जांच के दौरान मानव स्रोतों व तकनीकी साधनों का व्यापक उपयोग किया गया। मृतक के परिजनों, परिचितों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ की गई। साथ ही घटनास्थल तक जाने वाले मार्गों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया गया, संदिग्ध वाहन गतिविधियों का अध्ययन किया गया तथा मोबाइल टावर डंप डाटा का गहन विश्लेषण किया गया।

पुलिस टीमों की ओर से निरंतर प्रयास करते हुए वैज्ञानिक, तकनीकी तथा मानवीय साक्ष्यों को आपस में जोड़कर मामले की कड़ियों को विकसित किया गया। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर दिनांक 22 जून को तीन व्यक्तियों को मामले में गिरफ्तार किया गया है।हत्या में इस्तेमाल डंडा भी बरामद

तकनीकी विश्लेषण के दौरान आरोपियों की लोकेशन घटना के समय घटनास्थल के आसपास पाई गई। इस महत्वपूर्ण सुराग के आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तथा संदिग्धों से गहन पूछताछ की। पूछताछ, तकनीकी विश्लेषण तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में उनकी संलिप्तता सामने आई।

जांच के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर अपराध में इस्तेमाल एक डंडा भी बरामद किया गया है, जिसे मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में कब्जे में लिया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों की ओर से अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की गई है। आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है तथा मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।  मामले में आगामीकार्रवाई नियमानुसार अमल में लाई जा रही है।

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