
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में जल्द ही प्रदेश की दूसरी फूड टेस्टिंग लैब स्थापित होने की तैयारी है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसके लिए धर्मशाला में उपयुक्त भवन की तलाश शुरू कर दी है। नई लैब शुरू होने से खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच में तेजी आएगी, मिलावटखोरों पर शिकंजा कसेगा और कांगड़ा सहित प्रदेश के छह जिलों के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में प्रदेश में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए केवल कंडाघाट स्थित एकमात्र फूड टेस्टिंग लैब कार्यरत है।
पूरे प्रदेश से खाद्य नमूने वहीं भेजे जाते हैं। एक ही लैब पर बढ़ते कार्यभार के कारण जांच रिपोर्ट आने में समय लग जाता है, जिससे कई मामलों में कार्रवाई भी प्रभावित होती है। इससे लोगों की सेहत पर भी खतरा बढ़ रहा है। धर्मशाला में प्रस्तावित लैब शुरू होने के बाद कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, ऊना, मंडी और कुल्लू जैसे जिलों से लिए जाने वाले खाद्य नमूनों की जांच स्थानीय स्तर पर हो सकेगी।
इससे रिपोर्ट कम समय में उपलब्ध होगी और मिलावटी एवं मानकों के विपरीत खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई संभव हो पाएगी।लैब के लिए ऐसी जगह की तलाश की जा रही है, जहां आधुनिक परीक्षण उपकरण स्थापित किए जा सकें और सभी आवश्यक तकनीकी मानकों को पूरा किया जा सके। भवन चयन के बाद लैब स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। फिलहाल डीसी कांगड़ा की ओर से विभाग को कई जगहें बताई गई हैं लेकिन लैब के लिए कोई पर्याप्त जगह अभी तक नहीं मिल पाई है।
नई लैब शुरू होने से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। त्योहारी सीजन, पर्यटन सीजन और विशेष अभियानों के दौरान लिए जाने वाले नमूनों की जांच भी पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से हो सकेगी। इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के साथ-साथ मिलावटखोरों पर प्रभावी अंकुश लगाने में भी विभाग को मदद मिलेगी।
कांगड़ा जिले में प्रदेश की दूसरी फूड टेस्टिंग लैब खोले जाने के लिए बिल्डिंग की तलाश की जा रही है। पर्याप्त बिल्डिंग बनने के बाद उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा। लैब खुलने से काफी फायदा होगा और इससे आसपास के जिलों के सैंपलों की जांच भी हो सकेगी। –डॉ. सविता ठाकुर, अतिरिक्त आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग, कांगड़ा
