
मंडी जिले की चौहारघाटी में लगातार हो रही बारिश के बीच हुए भूस्खलन ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। थल्टूखोड़-मढ़ सड़क बंद होने से झुकाड़ और आसपास के गांवों के किसान अपनी तैयार नकदी फसल समय पर मंडी तक नहीं पहुंचा सके। मजबूरी में कई किसानों को मूली और बंदगोभी जैसी सब्जियां नालों में बहानी पड़ीं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार दो दिन पहले हुई भारी बारिश के बाद थल्टूखोड़ के समीप सड़क पर चट्टानें और मलबा आ गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क बंद रहने से किसानों की तैयार फसल खेतों में ही फंस गई।झुकाड़ गांव के किसान सुनील कुमार ने बताया कि सड़क बंद होने के कारण मूली की फसल वाहन तक नहीं पहुंचाई जा सकी। फसल खराब होने की आशंका के चलते उसे नाले में फेंकना पड़ा। कई किसानों ने छह किलोमीटर पैदल चलकर पीठ पर सब्जियां ढोकर सड़क तक पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन अधिकांश उपज समय पर बाजार नहीं पहुंच सकी।
स्थायी समाधान और मुआवजे की मांग
बीडीसी सदस्य ओम प्रकाश ठाकुर सहित क्षेत्र के कई ग्रामीणों ने सरकार से किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा देने और सड़क को सुरक्षित बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर बार-बार भूस्खलन होने से लोगों और किसानों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है तथा क्षेत्र के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध नहीं है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने बरसात के मौसम में थल्टूखोड़ में स्थायी रूप से जेसीबी तैनात करने की मांग भी उठाई है, ताकि भूस्खलन होने पर सड़क को जल्द खोला जा सके।
प्रशासन का पक्ष
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार सड़क बहाली के लिए मशीनरी मौके पर भेजी गई है और मौसम अनुकूल रहने पर मरम्मत कार्य किया जाएगा। प्रशासन ने बताया कि भूस्खलन से करीब तीन लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। अधिकारियों के अनुसार सड़क को यातायात के लिए बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
