
हिमाचल प्रदेश में मानसून का दौर लगातार जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में अगले कई दिनों तक बारिश से राहत मिलने के आसार कम हैं। 7 से 12 अगस्त तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं किन्नौर और लाहौल-स्पीति में तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। निचले और मध्यम पहाड़ी क्षेत्रों में आंधी, बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
कांगड़ा में लगातार भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने कांगड़ा को आने वाले दिनों में बारिश के लिहाज से संवेदनशील जिलों में रखा है। 7 अगस्त को कांगड़ा में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश, 8 अगस्त को एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश और 9 व 10 अगस्त को फिर भारी बारिश की संभावना है।
सोलन और सिरमौर में भी बारिश का असर बना रहेगा। सोलन में 7 अगस्त को कोई विशेष चेतावनी नहीं है, लेकिन 10 अगस्त को एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। सिरमौर में 8 अगस्त को मध्यम से भारी और 9 व 10 अगस्त को एक-दो स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
इन जिलों में भी बारिश बढ़ाएगी मुश्किलें
बिलासपुर में 7 अगस्त तक एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। कुल्लू में 10 अगस्त को एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मंडी में भी 10 अगस्त को मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। शिमला में 6 अगस्त को एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश और 10 अगस्त को एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना दर्ज की गई है। किन्नौर में 6 अगस्त को एक-दो स्थानों पर मध्यम बारिश और 10 अगस्त को मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। वहीं लाहौल-स्पीति के लिए इन दिनों कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।
आज और अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार 7, 8 और 9 अगस्त को प्रदेश में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 10, 11 और 12 अगस्त को भी अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा एक-दो स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। 10 से 12 अगस्त के दौरान उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश की गतिविधि कुछ अधिक स्थानों तक फैल सकती है।
भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा
भारी या मध्यम से भारी बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और मलबा खिसकने की आशंका जताई गई है। अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा भी रह सकता है। बारिश के कारण नदी-नालों और अन्य जल निकायों में जलस्तर और बहाव बढ़ सकता है। निचले इलाकों में जलभराव तथा फिसलन के कारण सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों को भूस्खलन, मलबा खिसकने और अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। नदी, नालों और अन्य जल निकायों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और वाहन चलाते समय गति सीमा व यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
तापमान में भी बदलाव
अगले तीन से चार दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि अगले 24 घंटे में कई स्थानों पर अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इसके बाद अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटे में कहां हुई ज्यादा बारिश?
पिछले 24 घंटे में धर्मशाला एडब्ल्यूएस में 8 सेंटीमीटर, मनाली और नैना देवी में 6-6 सेंटीमीटर, नाहन में 4 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। कसोल और सराहन में 3-3 सेंटीमीटर तथा धर्मशाला में भी 3 सेंटीमीटर बारिश हुई।
