लोकसभा में उठा हिमाचल की स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा, मेडिकल कॉलेजों और सीटों पर केंद्र ने दिया जवाब

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हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर केंद्र सरकार की ओर से किए गए प्रयासों का ब्योरा लोकसभा में सामने आया है। भाजपा सांसद सुरेश कुमार कश्यप ने प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस और स्नातकोत्तर सीटों, डॉक्टरों व विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की स्थिति से जुड़े सवाल लोकसभा में उठाए। उनके अतारांकित प्रश्न संख्या 3439 का जवाब केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने सात अगस्त 2026 को लिखित रूप में दिया।

केंद्रीय मंत्री के जवाब के अनुसार हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 846 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं। इसके अलावा एक निजी मेडिकल कॉलेज में 150 एमबीबीएस सीटें हैं। इस तरह प्रदेश में कुल 996 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं। स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा की बात करें तो छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 307 पीजी सीटें और एक निजी मेडिकल कॉलेज में 93 पीजी सीटें उपलब्ध हैं। प्रदेश में कुल पीजी सीटों की संख्या 400 है

चंबा, हमीरपुर और नाहन में मेडिकल कॉलेज कार्यशील
केंद्र सरकार ने बताया कि मौजूदा जिला या रेफरल अस्पतालों से संबद्ध नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की केंद्र प्रायोजित योजना के तहत हिमाचल प्रदेश में चंबा, हमीरपुर और नाहन में तीन मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई थी। ये तीनों मेडिकल कॉलेज वर्तमान में कार्यशील हैं।इस योजना में उन जिलों को प्राथमिकता दी जाती है जहां पहले सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज उपलब्ध नहीं था। इससे प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में चिकित्सा शिक्षा के साथ विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का रास्ता भी मजबूत हुआ है।

120 एमबीबीएस सीट बढ़ाने को 144 करोड़ मंजूर
सांसद सुरेश कश्यप के अनुसार केंद्र सरकार ने मौजूदा मेडिकल कॉलेजों में सीटों की क्षमता बढ़ाने के लिए भी आर्थिक सहायता दी है। केंद्र प्रायोजित योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों में 120 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के लिए 144 करोड़ रुपये की लागत मंजूर की गई है। इसके अलावा एक मेडिकल कॉलेज में 17 अतिरिक्त स्नातकोत्तर सीटें बढ़ाने के लिए 14.50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है।

स्वास्थ्य संस्थानों में पदों और रिक्तियों का ब्योरा
लोकसभा में सांसद ने जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के स्वीकृत और कार्यरत पदों की जानकारी भी मांगी थी। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने बताया कि इन स्वास्थ्य संस्थानों में स्वीकृत पदों, कार्यरत कर्मचारियों और रिक्तियों से जुड़ी जानकारी हेल्थ डायनेमिक्स ऑफ इंडिया 2023-24 में उपलब्ध है। वहीं, पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों में एमबीबीएस और एमडी/एमएस पाठ्यक्रम पूरा करने वाले डॉक्टरों में से कितने प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में नियुक्त हुए, इसका आंकड़ा केंद्र स्तर पर संधारित नहीं किया जाता।

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