
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार को शिमला जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव में देरी को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की। राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि उच्च न्यायालय की ओर से पूर्व में जारी अहम फैसले के अनुपालन के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश पत्र जारी कर दिए गए हैं। इस संबंध में अदालत के समक्ष 17 अगस्त की पत्र-प्रति प्रस्तुत की। यह पत्र अंकुश इंदौरिया बनाम राज्य निर्वाचन आयोग मामले में 6 अगस्त को सुनाए गए फैसले का पालन सुनिश्चित करने के लिए जारी किया गया है।
इस पत्र को राज्य के सभी उपायुक्तों, उप मंडलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को जारी किया गया है, जिससे वे उच्च न्यायालय के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। इसके अलावा सरकार ने जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुनाव में देरी को लेकर भी अपना जवाब दाखिल कर दिया है। अदालत में जवाब और पत्र प्रस्तुत करने के बाद राज्य सरकार ने मामले की सुनवाई को एक दिन के लिए टालने का अनुरोध किया।
न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को तय की है। उल्लेखनीय है कि पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए हैं 20 जुलाई तक जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए कोई बैठक अधिसूचित क्यों नहीं की गई। चुनाव की बैठक के लिए अगली तिथि कौन सी तय की गई है।
