
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सत्र के दौरान विधानसभा परिसर, आसपास के क्षेत्रों, धरना स्थल, शहर के प्रवेश मार्गों और यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जाएगी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने बहुस्तरीय सुरक्षा प्लान तैयार किया है।
सुरक्षा व्यवस्था में जिला पुलिस शिमला के साथ रिजर्व पुलिस बल, होमगार्ड, क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम), खुफिया शाखा और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाएगी। विधानसभा परिसर को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। पिछले सत्रों में भी सुरक्षा के लिए सैकड़ों पुलिस जवान तैनात किए गए थे। विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्र में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया जाएगा। ड्रोन-कैमरों से भी विधानसभा परिसर सहित पूरे शहर की निगरानी होगी।
डीआईजी अंजुम आरा ने विधान सभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा की है। विधानसभा परिसर के अंदर और बाहर प्रवेश व्यवस्था को सख्त रखा जाएगा। बिना पास के किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं मिलेगा। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी और अन्य निगरानी तंत्र का इस्तेमाल किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां सत्र शुरू होने से पहले ही होटल, होम स्टे और बाहरी क्षेत्रों में आने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखेंगी।
मानसून सत्र की सुरक्षा में करीब 700 से 900 पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। पुलिस अधिकारियों, जवानों, होमगार्ड, क्यूआरटी सहित विशेष सुरक्षा इकाइयों के कर्मचारी शामिल रहेंगे। विधानसभा सत्र की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी डीआईजी दक्षिण रेंज स्तर के अधिकारी के पास रहेगी। इसके अलावा एसएसपी शिमला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, डीएसपी और अन्य पुलिस अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
