हिमाचल विधानसभा सत्र: वंदे मातरम् पर सदन में जमकर हंगामा, कार्यवाही शनिवार सुबह 11 बजे तक स्थगित

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वंदे मातरम् को नहीं गाने पर विपक्षी विधायकों का हंगामा, सत्तापक्ष ने भी की नारेबाजी

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बारहवां सत्र आज राष्ट्रगान के साथ शुरू हो गया। लेकिन, मानसून सत्र का पहला ही दिन हंगामे भी भेंट चढ़ गया। सदन की कार्यवाही शुरू होने पर राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को नहीं गाने पर विपक्षी विधायकों ने किया विरोध। स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि इस बारे में बनाया गया कानून विधानसभा में लागू नहीं, बल्कि सरकारी संस्थाओं पर लागू है। इसके बाद विपक्ष भड़क गया। स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने पूर्व विधायकों के देहांत पर शोकोद्गार के लिए संवेदनाएं प्रकट करने को कहा।

उन्होंने कहा कि अभी शोकोद्गगार होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह का नया प्रेसिडेंस चलाना उचित नहीं है। स्पीकर ने कहा कि विधानसभा की परंपरा है कि राष्ट्रगान से शुरुआत की जाए। समापन पर ही वंदे मातरम् गाया जाता है। हंगामा बढ़ा तो स्पीकर ने कार्यवाही स्थगित करने की चेतावनी दी। विपक्ष नहीं माना तो सदन की कार्यवाही को स्पीकर ने एक दिन आगे स्थगित कर दिया।

पठानिया ने सदन की कार्यवाही एक दिन आगे शनिवार सुबह 11:00 बजे तक स्थगित कर दी। उधर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल नारेबाजी करता हुआ विपक्ष के रवैये के विरोध में सदन से बाहर आया। सत्तारूढ़ दल के विधायकों ने विपक्ष पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया।

मानसून सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष का प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले भाजपा ने विधानसभा में विपक्ष लॉज के बाहर प्रदर्शन किया। इस दाैरान भाजपा विधायकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।  भाजपा नेता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने बताया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ यह प्रदर्शन किया गया। भाजपा विधायकों ने हाथ में तख्तियां और बैनर लेकर विधानसभा परिसर में नारेबाजी की। विपक्ष ने पांच लाख रोजगार दिलाने का वायदा झूठा करार दिया। 

जवाब में आंकड़ों और तथ्यों को प्रमुखता से रखा जाएगा

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि विपक्ष की ओर से सरकार को घेरने के लिए उठाए जाने वाले मुद्दों पर संबंधित विभाग पूरी तैयारी रखें। प्रश्नकाल व शून्यकाल में पूछे जाने वाले सवालों के जवाब में आंकड़ों और तथ्यों को प्रमुखता से रखा जाए। सुक्खू ने कहा कि मानसून सत्र को लेकर मुख्यमंत्र मुख्यमंत्री ने विपक्ष को तथ्यों के साथ सदन में आने को कहा। उन्होंने कहा कि 20 साल में पहली बार 10 दिन का सत्र बुलाया गया है। उन्होंने विपक्ष और नेता प्रतिपक्ष से कहा कि विरोध और वॉकआउट करें, लेकिन सरकार को भी बोलने दें। मुख्यमंत्री ने आशंका जताई कि चुनाव के चलते सोशल मीडिया पर बने रहने के लिए विपक्ष हंगामा कर सकता है। 

10:42 AM, 21-AUG-2026

मानसून सत्र के दौरान आक्रामक रुख अपनाएगा सत्तापक्ष

सत्र से एक दिन पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। इसमें मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के हमलों और सवालों का मजबूती से जवाब देने की रणनीति बनाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और विधायकों को विपक्ष के सवालों का तथ्यों के साथ जवाब देने और सदन में पूरी तैयारी के साथ आने के निर्देश दिए। इस बैठक में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार सहित कांग्रेस विधायक मौजूद रहे। सत्र के दौरान उठाए जाने वाले विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ सरकार की ओर से अपनाई जाने वाली रणनीति तय की गई। 

10:34 AM, 21-AUG-2026

राजनीतिक प्रतिशोध से लेकर भ्रष्टाचार तक के मुद्दे उठाएगी भाजपा

प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार 21 अगस्त से राजधानी शिमला में शुरू होने जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार शाम को नेता विपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित हुई, जिसमें सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार को विधानसभा के भीतर और बाहर घेरने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और राज्य के मौजूदा हालात को देखते हुए भाजपा इस बार आक्रामक विपक्ष की भूमिका में नजर आने की तैयारी में है।

भाजपा की रणनीति सरकार को केवल राजनीतिक मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक और वित्तीय मोर्चों पर भी कठघरे में खड़ा करने की है। पार्टी कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार के आरोपों, कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित मामलों, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, आपदा राहत कार्यों और कांग्रेस की चुनावी गारंटियों को प्रमुखता से उठाएगी। भाजपा का आरोप है कि सरकार अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है और विकास कार्य प्रभावित हुए हैं।

10:25 AM, 21-AUG-2026

पहले दिन ही टकराव के संकेत

मानसून सत्र के पहले दिन ही विपक्ष के आक्रामक रुख के चलते सत्ता पक्ष और विपक्ष में टकराव के आसार हैं। एफआईआर और पूछताछ के मामलों को लेकर स्थगन प्रस्ताव आया तो सदन की कार्यवाही प्रभावित हो सकती है। प्रश्नकाल में विपक्ष सरकार से जवाब मांगते हुए सदन में गतिरोध पैदा कर सकता है।

विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों दलों से की सहयोग की अपील, बोले – बढ़ सकता है सत्र
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने दोनों दलों से सदन की कार्यवाही के संचालन में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सत्र बढ़ भी सकता है। पठानिया ने कहा कि सभी को सदन में बोलने का समय मिलेगा।

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