
हिमाचल प्रदेश में बागवानी विकास में सहयोग के बाद विश्व बैंक अब किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा। विश्व बैंक की टीम कंट्री हेड मिस्टर कौमे की अगुवाई में 2 अप्रैल को शिमला पहुंच रही है। 4 अप्रैल तक टीम हिमाचल में रुकेगी, इस दौरान कृषि, बागवानी और पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकें होंगी और फील्ड विजेट भी होगा। 2016 से 31 अक्तूबर 2024 तक हिमाचल में लागू की गई 1045 करोड़ रुपये की बागवानी विकास परियोजना के सफल क्रियान्वयन से विश्व बैंक संतुष्ट है और अब कृषि क्षेत्र में सहयोग के लिए भी रूचि दिखा रहा है। विश्व बैंक हिमाचल में कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा में सुधार और पर्यावरण सरंक्षण में मदद की पेशकश कर चुका है। सरकार भी ग्रामीण आर्थिकी को सशक्त बनाने में विश्व बैंक की मदद लेने के लिए प्रयासरत है। हालांकि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को विदेशी एजेंसियों से मिलने वाली वित्तीय मदद की सीमा तय कर रखी है। केंद्र की मंजूरी के बाद ही विश्व बैंक से वित्तीय मदद के प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलेगी।
कृषि में प्रौद्योगिकी के उपयोग में विश्व बैंक की मदद लेने की योजना है। इसके तहत उर्वरकों, कीटनाशकों और पानी का कुशलता से उपयोग करने के लिए जीपीएस और जीआईएस तकनीकों के इस्तेमाल, फसलों और खेतों की निगरानी, कीटों और बीमारियों के प्रबंधन और सिंचाई और उर्वरकों के प्रयोग के लिए सेंसर और ड्रोन उपलब्ध करवाने, मौसम की जानकारी, बाजार की कीमतों और कृषि सलाह में मदद के लिए मोबाइल एप विकसित करने सहित बिचौलियों को खत्म कर किसानों को सीधे उपभोक्ताओं को अपने उत्पाद बेच कर अधिक लाभ कमाने में मदद के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्म उपलब्ध करवाने में सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
विश्व बैंक की टीम कंट्री हेड की अगुवाई में 2 अप्रैल को पहुंच रही है। 4 अप्रैल तक टीम हिमाचल में रहेगी। इस दौरान टीम के साथ बैठकें होंगी। प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में विकास के लिए विश्व बैंक से मदद लेने की कोशिश कर रही है। कृषि में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से किसानों की आय बढ़ाने की योजना है।– सी पालरासु, सचिव, कृषि एवं बागवानी
हिमाचल की सराहना कर चुका है विश्व बैंक
बागवानी विकास परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए विश्व बैंक हिमाचल की सराहना कर चुका है। दिसंबर माह में विश्व बैंक के टास्क टीम लीडर बेकजोड शेमशेव ने परियोजना की समीक्षा के बाद इसे पूरी दुनिया के लिए मॉडल के रूप में प्रचारित करने की बात कही थी। विश्व बैंक ने कीटनाशकों के बढ़ते प्रयोग को कम करने के लिए कीटनाशक बनाने वाली कंपनियों को रिसर्च में सहयोग की भी बात की थी।