
पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत के मामले की जांच पूरी करने में अभी 10 दिन और लगेंगे। अब तक पावर कॉरपोरेशन के निदेशक देशराज को छोड़ करीब सभी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। अब तक की जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से अपने अधीनस्थ को प्रताड़ित किया जाता रहा है। विमल नेगी भी इसके भुगतभोगी रहे हैं। यह भी पता चला है कि विमल को दफ्तर में दो-दो घंटे तक खड़ा रखा जाता था। कई कर्मचारी ऐसे भी हैं, जिन्होंने आठ की बजाए 12-12 घंटे ड्यूटी दी है। सूत्र बताते हैं कि विमल नेगी को किसी काम को लेकर कार्यालय से फोन आया था। उसके बाद से वह गायब हो गए थे।
देशराज को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत
चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मानसिक प्रताड़ना के आरोप में फरार चल रहे पावर काॅरपोरेशन के निदेशक देशराज को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। अब जांच टीम उनके बयान दर्ज करेगी। हाईकोर्ट से देशराज की जमानत रद्द हुई थी। इसके बाद यह सुप्रीम कोर्ट गए।
उल्लेखनीय है कि जिस दिन चीफ इंजीनियर नेगी का शव बरामद हुआ था। उस दिन परिजनों ने कॉरपोरेशन के एमडी हरिकेश मीणा और निदेशक देशराज पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने निदेशक देशराज के खिलाफ मामला दर्ज किया था। तब से लेकर वह फरार थे।
यह है मामला
विमल नेगी 10 मार्च को संदिग्ध परिस्थितियों में शिमला से लापता हो गए थे। 18 मार्च को उनका शव बिलासपुर की गोबिंदसागर झील से बरामद किया गया था। इसके बाद परिजनों ने कॉरपोरेशन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर उच्च अधिकारियों पर विमल नेगी पर गलत काम करने के लिए दबाव बनाने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। इसे देखते हुए पुलिस ने न्यू शिमला पुलिस स्टेशन में विमल नेगी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था।