
राज्य सचिवालय के गेट के सामने बन रहे मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के कार्यालय भवन के निर्माण में खामियां को लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने सचिवालय में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के समक्ष स्थिति स्पष्ट की। अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि खामियां दूर कर दी गई हैं। विभाग के इंजीनियर कार्य का निरीक्षण कर रहे हैं। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों के गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने अधिकारियों को खुद समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने तीन पेज की रिपोर्ट मंत्री को दी है।
उल्लेखनीय है कि यहां बन रहे भवन के कॉलम में स्टील की क्लियर कवर में कमी और बी-रो कॉलम के अपर ऐज में दरारें पाई गईं। यह खुलासा मुख्य अभियंता प्रोजेक्ट के तहत क्वालिटी कंट्रोल एंड डिजाइन टीम की निरीक्षण रिपोर्ट में हुआ है। लोक निर्माण विभाग के ईएनसी, प्रोजेक्ट अधीक्षण अभियंता क्वालिटी कंट्रोल एंड डिजाइन और अधिशासी अभियंता क्वालिटी कंट्रोल एंड डिजाइन की हस्ताक्षरित इस इंस्पेक्शन रिपोर्ट के अनुसार 19.72 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बहुमंजिला भवन का कार्य पूरी तरह से तय मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। इस रिपोर्ट के अनुसार स्टील और कंक्रीट के परीक्षण आवश्यकता के अनुसार नहीं किए गए। क्यूरिंग की प्रक्रिया भी संतोषजनक नहीं पाई गई। बी-रो कॉलम के ऊपरी हिस्सों में दरारें पाए जाने को गंभीर माना गया।
मुझे रिपोर्ट सौंपी गई है। निर्माण कार्यों में गड़बड़ी सहन नहीं की जाएगी। गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। अधिकारियों को निर्माणाधीन कार्य पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।- विक्रमादित्य सिंह, लोक निर्माण मंत्री
