
एआई समिट प्रदर्शन मामले में दिल्ली पुलिस के रडार पर आए युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं हिमाचल युकां के पूर्व अध्यक्ष निगम भंडारी को अग्रिम जमानत मिल गई है। पटियाला हाउस कोर्ट दिल्ली ने भंडारी को 24 मार्च तक अग्रिम जमानत दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने 25000 के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानतदार पर अंतरिम राहत देते हुए उन्हें जांच में सहयोग करने और बुलाए जाने पर जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया। वह अपना मोबाइल फोन चालू रखेंगे और बिना इजाजत देश नहीं छोड़ेंगे। शिकायत करने वाले से कॉन्टैक्ट और सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे।
युकां के राष्ट्रीय महासचिव व कर्नाटक के प्रभारी किन्नौर निवासी भंडारी ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। यह मामला एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से किए गए विरोध प्रदर्शन से संबंधित है। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि प्रदर्शन के कारण कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बाधित हुई और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की गई। वहीं, बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की आशंका और सहयोग करने की बात कहते हुए अग्रिम जमानत की मांग की। यह तर्क दिया गया कि भंडारी मौके पर मौजूद नहीं थे और इस मामले में उनका कोई रोल नहीं था। भंडारी को नोटिस नहीं दिया गया है। उधर, दिल्ली पुलिस का दावा है कि एआई समिट प्रदर्शन मामले में भंडारी भी संलिप्त हैं।
