
औद्योगिक क्षेत्र बद्दी की आबोहवा में बारिश के बाद सुधार आया है। बुधवार को बद्दी का एक्यूआई 66 रहा। बीते दो माह में यह काफी खराब जोन में चल रहा था, 23 जनवरी को हुई बारिश में इसमें सुधार हुआ। हालांकि, यह फिर भी 100 से अधिक चल रहा था। जनवरी में यह पहला दिन है जब बद्दी के एक्यूआई 100 से कम रहा। इससे पहले अभी तक यह मोडरेट, पूअर और वेरी पूअर जोन में रहा था। लगातार हवा में सुधार होने से अस्थमा के रोगियों को भी इसका फायदा मिलेगा। मंगलवार को बद्दी में हुई बारिश के बाद हवा में धूल के कण बारिश के साथ जमीन पर बैठ गए। बद्दी के ऊपर जो एक प्रदूषण की एक चादर के लिपटी हुई थी, वह भी बारिश के बाद धुल गई और मौसम साफ होने पर बुधवार को एक्यूआई 66 पर पहुंच गया है। सुबह 10 बजे के आसपास यह 80 के करीब था और दोपहर बाद और कम हो गया।
बद्दी ही नहीं पूरे प्रदेश में सभी जिलों में एक्यूआई 100 से कम ही रहा। पांवटा साहिब में 66, डमटाल में 51, ऊना में 58, धर्मशाला में 62 रहा। शिमला में 27 और सुंदरनगर में 42 गुड जोन रहा। इन दोनों शहरों में प्रदेश में सबसे अच्छी हवा रही। पर्यावरणविद लक्ष्मी चंद ठाकुर और बालकिशन ने बताया कि बद्दी और नालागढ़ में उद्योग लगने से पहले एक्यूआई 50 से नीचे रहता था, लेकिन यहां पर नालों और खड्डों में खनन, उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण से हवा बिगड़ती गई और अब हालत यह है कि यहां पर सांस लेने में दिक्कत आती है। देश के बड़े शहरों की तर्ज पर यहां का एक्यूआई भी लगातार बढ़ जाता है।
प्रदूषण बोर्ड के वरिष्ठ अभियंता प्रवीण गुप्ता ने बताया कि बद्दी में बगैर ढके हुए टिपर, फोरलेन का कार्य अधर में होने और वाहनों से उड़ने वाली धूल से एक्यूआई बढ़ जाता है। उद्योगों के संचालकों को बोर्ड की ओर से जारी आदेश को पालन करने का निर्देश दिए गए हैं। जो भी उद्योग इसका पालन नहीं करता है तो उनके जांच के दौरान खामियां पाएं जाने पर कार्रवाई की जाती है।
