
हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के आपातकालीन विभाग में सभी उपकरण बदले जाएंगे। ऑपरेशन थियेटर की तर्ज पर कैजुअल्टी में भी नई मशीनें स्थापित की जाएंगी। मेडिकल कॉलेजों में कई उपकरण, जो वर्षों से इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इन्हें बदला जाएगा। अस्पतालों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकार ने इन उपकरणों को बदलने का फैसला लिया है। सरकार की ओर से स्वास्थ्य निगम को उपकरण खरीद के लिए टेंडर आमंत्रित करने को कहा गया है।
सभी मेडिकल कॉलेजों में सीटी स्कैन, एक्स-रे यूनिट, अल्ट्रा साउंड मशीन, फेको सिस्टम सहित अन्य उपकरण स्थापित किए जाएंगे। हालांकि, मेडिकल कॉलेज के ऑपरेशन थियेटर में नए उपकरण स्थापित कर लिए गए हैं लेकिन आपातकालीन विभाग को और मजबूत करने के लिए यह पहल की जा रही है। भारत के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों एम्स दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ में इस्तेमाल हो रहे उपकरणों के समान अत्याधुनिक मशीनों से बदला जाना है। दिल्ली के एम्स में इस्तेमाल हो रही एमआरआई मशीनों की तरह ही सरकार 3 टेस्ला एमआरआई मशीनें खरीद रही हैं। मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।
मशीनों और उपकरणों की खरीद की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि कहीं भी हादसा होने पर सबसे पहले घायलों को आपातकालीन विभाग में उपचार के लिए लाया जाता है। यहां इन्हें ऑब्जर्वेशन पर रखा जाता है। स्थिति सामान्य होने के बाद ही उन्हें वार्डों में शिफ्ट किया जाता है। ऐसे में सरकार कैजुअल्टी को मजबूत करना चाह रही है।
